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एससीओ देशों से राजनाथ सिंह ने किया आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने का आह्वान

  • एससीओ के रक्षा मंत्रियों की बैठक में पाकिस्तान ने वर्चुअल मोड में भाग लिया
  • रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने भाषण में पाकिस्तान को मुख्य निशाने पर रखा

नई दिल्ली। शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के रक्षा मंत्रियों की बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को आतंकवाद से लड़ने के लिए एससीओ देशों से एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने आतंकी गतिविधियों के लिए सोशल मीडिया और क्राउडफंडिंग जैसे नए तरीकों का उपयोग करने पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि अगर एससीओ देशों को मजबूत होकर उभरना है, तो हमें एक साथ मिलकर वैश्विक आतंकवाद से लड़ना होगा। अपने भाषण में उन्होंने पाकिस्तान को मुख्य निशाने पर रखा।

नई दिल्ली में आज से शुरू हुई एससीओ देशों के रक्षा मंत्रियों की बैठक में राजनाथ सिंह ने कहा कि आतंकी समूह अपना नेटवर्क बढ़ाने के लिए सोशल मीडिया और क्राउडफंडिंग जैसे नए तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। रक्षा मंत्री ने आगे कहा कि भारत एससीओ को मजबूत बनाने, एससीओ बैठक में लिये गए फैसलों को लागू करने में योगदान देने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। संयुक्त राष्ट्र से आतंकी संगठन घोषित जैश-ए-मोहम्मद को पाकिस्तान के पेशावर में खुले तौर पर धन एकत्र करते देखा गया है। इस तरह की खुलेआम धन उगाही ने चरमपंथी समूहों के पुनरुत्थान के बारे में चिंता बढ़ा दी है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि जैश-ए-मोहम्मद को पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मियों का खुलेआम समर्थन मिल रहा है। पाकिस्तान जून, 2018 से फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) की ग्रे लिस्ट में था लेकिन अक्टूबर, 2022 में ग्लोबल टेरर-फाइनेंसिंग वॉचडॉग एफएटीएफ ने पाकिस्तान को अपनी ग्रे लिस्ट से हटा दिया। इसके पीछे तर्क दिया गया कि पाकिस्तान ने धन-शोधन और आतंकवाद के वित्तपोषण पर अपनी कार्य योजनाओं को काफी हद तक पूरा कर लिया है। जैश-ए-मोहम्मद की क्राउडफंडिंग सिर्फ पेशावर तक ही सीमित नहीं है, बल्कि पाकिस्तान के पंजाब, पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर और अन्य क्षेत्रों में भी दिखाई दे रहा है।

उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र से प्रतिबंधित आतंकी संगठन जब आसानी से खुले तौर पर धन एकत्र कर सकते हैं तो इससे आतंकवादी गतिविधियों पर नकेल कसने की सरकार की क्षमता के बारे में चिंता उत्पन्न होती है। उन्होंने कहा कि सुरक्षित, स्थिर और समृद्ध क्षेत्र सुनिश्चित करने के लिए हमें अपने एजेंडे पर ध्यान देने की जरूरत है। एससीओ रक्षा मंत्रियों की बैठक में राजनाथ सिंह ने कहा कि पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवादियों को मुंबई पर हमला किए हुए 14 साल हो गए हैं। मुंबई में तीन दिन तक चले नरसंहार के पीछे पाकिस्तान का हाथ होने के सबूत सबके सामने थे, लेकिन पाकिस्तान ने भारत के अनुरोधों को अनदेखा करने का विकल्प चुना।

एससीओ के रक्षा मंत्रियों की बैठक में पाकिस्तान ने वर्चुअल मोड में भाग लिया। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के रक्षा मामलों पर विशेष सहायक मलिक अहमद खान ने एससीओ की बैठक को वर्चुअली संबोधित किया। शंघाई सहयोग संगठन में शामिल होने के बाद भारत पहली बार एससीओ बैठकों की मेजबानी कर रहा है। एससीओ की सदस्यता में भारत के अलावा कजाकिस्तान, चीन, किर्गिस्तान, पाकिस्तान, रूस, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान शामिल हैं। सदस्य देशों के अलावा दो पर्यवेक्षक देश बेलारूस और ईरान भी एससीओ रक्षा मंत्रियों की बैठक में भाग ले रहे हैं।

एससीओ की बैठक से इतर गुरुवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चीन के रक्षा मंत्री जनरल ली शांगफू, ईरान, कजाकिस्तान और ताजिकिस्तान के रक्षा मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं। यह बैठकें सौहार्द्रपूर्ण और गर्मजोशी भरे माहौल में हुईं और भारत के साथ सदियों पुराने सांस्कृतिक, भाषाई और सभ्यतागत संबंधों पर जोर दिया गया। चीन के रक्षा मंत्री के साथ वार्ता में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने स्पष्ट रूप से कहा कि भारत और चीन के बीच संबंधों का विकास सीमाओं पर शांति और शांति के प्रसार पर आधारित है। उन्होंने कहा कि एलएसी पर सभी मुद्दों को मौजूदा द्विपक्षीय समझौतों और प्रतिबद्धताओं के अनुसार हल करने की आवश्यकता है।

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