
रूस की राजधानी मॉस्को के आसमान में बीती रात एक चमकदार ‘फायरबॉल’ (Fireball) दिखाई दिया, जिसने कुछ देर के लिए पूरे शहर को दहला दिया। रात करीब 9 बजे अचानक आसमान में तेज़ रोशनी फैली और कुछ सेकंड बाद धमाके जैसी आवाज़ सुनाई दी। इस नज़ारे को देखकर लोग दंग रह गए और सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने लगे। कई लोगों ने इसे किसी रॉकेट टेस्ट या हथियार प्रयोग से जोड़ दिया, लेकिन वैज्ञानिकों ने इस रहस्य से पर्दा उठा दिया है।
रूसी अंतरिक्ष एजेंसी ‘Roscosmos’ और खगोल वैज्ञानिकों के अनुसार, यह कोई हथियार नहीं बल्कि एक उल्कापिंड (Meteor) था, जो पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करते ही जल उठा। विशेषज्ञों का कहना है कि यह उल्कापिंड लगभग 40,000 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धरती की ओर बढ़ रहा था और वातावरण में घर्षण के कारण जलकर चमकने लगा। इसी वजह से आसमान में कुछ सेकंड के लिए एक विशाल फायरबॉल दिखाई दिया।
वैज्ञानिकों ने बताया कि ऐसे उल्कापिंड पृथ्वी के वायुमंडल में अक्सर प्रवेश करते हैं, लेकिन अधिकतर पूरी तरह जल जाते हैं और धरती तक नहीं पहुंच पाते। मॉस्को में दिखा यह फायरबॉल भी पूरी तरह वायुमंडल में ही नष्ट हो गया, इसलिए किसी प्रकार के नुकसान की खबर नहीं है।
हालांकि, घटना के बाद कुछ लोगों ने यह आशंका जताई कि कहीं यह किसी मिसाइल या सैन्य परीक्षण का हिस्सा तो नहीं था, क्योंकि रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच ऐसी घटनाएं संदेह पैदा कर रही हैं। लेकिन रक्षा मंत्रालय ने साफ किया है कि उस वक्त कोई भी रक्षा अभ्यास या मिसाइल लॉन्च नहीं किया गया था।
फिलहाल वैज्ञानिक इस फायरबॉल की दिशा, गति और आकार का विश्लेषण कर रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह उल्कापिंड पृथ्वी के किस हिस्से से होकर गुजरा था। विशेषज्ञों का कहना है कि यह एक प्राकृतिक खगोलीय घटना थी, जो पृथ्वी के वायुमंडल में अक्सर घटती रहती है।



