
Virat Ramayan Mandir में आज एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण आयोजन संपन्न हुआ, जहां विश्व के सबसे बड़े शिवलिंग की विधिवत स्थापना की गई। यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से विशेष रहा, बल्कि इसकी भव्यता और दिव्यता ने देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद और हवन के साथ हुए इस अनुष्ठान ने पूरे वातावरण को शिवमय बना दिया। इस पावन अवसर पर सांसद शांभवी और उनके पति कुणाल यजमान के रूप में उपस्थित रहे और उन्होंने पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त किया।
Virat Ramayan Mandir को पहले ही अपनी विशाल संरचना और धार्मिक महत्व के कारण विशेष पहचान प्राप्त है, लेकिन विश्व के सबसे बड़े शिवलिंग की स्थापना के साथ यह मंदिर वैश्विक धार्मिक मानचित्र पर और अधिक प्रमुख हो गया है। बताया जा रहा है कि यह शिवलिंग अपनी ऊंचाई, चौड़ाई और निर्माण कला के कारण विश्व में अद्वितीय है। इसे विशेष पत्थरों और पारंपरिक शिल्पकला के माध्यम से तैयार किया गया है, जिसमें भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं की झलक स्पष्ट रूप से दिखाई देती है।
सांसद शांभवी ने इस अवसर पर कहा कि यह क्षण उनके जीवन के सबसे सौभाग्यशाली पलों में से एक है। उन्होंने कहा कि भगवान शिव की कृपा से उन्हें इस महान अनुष्ठान का यजमान बनने का अवसर मिला और यह आयोजन समाज में आध्यात्मिक चेतना को और अधिक मजबूत करेगा। उनके पति कुणाल ने भी आयोजन को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इस शिवलिंग की स्थापना आने वाली पीढ़ियों के लिए आस्था और प्रेरणा का केंद्र बनेगी।
कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में संत-महात्मा, धर्माचार्य, जनप्रतिनिधि और श्रद्धालु उपस्थित रहे। सुरक्षा और व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए थे ताकि श्रद्धालु शांतिपूर्वक दर्शन और पूजा कर सकें। मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन और धार्मिक प्रवचनों का आयोजन भी किया गया, जिससे श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव हुआ।
विश्व के सबसे बड़े शिवलिंग की स्थापना के साथ Virat Ramayan Mandir अब केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि भारतीय आस्था, संस्कृति और सनातन परंपरा का भव्य प्रतीक बनकर उभरा है, जो आने वाले समय में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करेगा।



