
ब्रिटिश शाही परिवार इन दिनों फिर से सुर्खियों में है। इस बार वजह बने हैं किंग चार्ल्स के छोटे भाई प्रिंस एंड्रयू, जिन्हें reportedly शाही निवास से निकाल दिया गया है। यही नहीं, उनके रॉयल टाइटल और कई विशेषाधिकार भी उनसे वापस ले लिए गए हैं। सवाल उठ रहा है कि आखिर ऐसा क्यों हुआ और प्रिंस एंड्रयू कौन हैं?
प्रिंस एंड्रयू, दिवंगत महारानी क्वीन एलिजाबेथ द्वितीय और प्रिंस फिलिप के तीसरे संतान हैं। एक समय वे ब्रिटिश नौसेना में सेवा दे चुके हैं और फॉकलैंड युद्ध के हीरो माने जाते थे। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में वे कई विवादों में घिरते चले गए। सबसे बड़ा विवाद तब सामने आया जब अमेरिकी अरबपति जेफ्री एपस्टीन के सेक्स ट्रैफिकिंग केस में उनका नाम जुड़ गया। इस केस में उन पर नाबालिग लड़की के साथ संबंध बनाने के आरोप लगे, जिसके बाद पूरे ब्रिटेन में उन्हें लेकर नाराजगी बढ़ी।
हालांकि प्रिंस एंड्रयू ने सभी आरोपों से इंकार किया, लेकिन मामले ने उनकी छवि को गहरा नुकसान पहुंचाया। जन दबाव और मीडिया की आलोचना के चलते महारानी एलिजाबेथ ने उन्हें 2022 में सभी सैन्य और रॉयल टाइटल से वंचित कर दिया था। अब किंग चार्ल्स ने एक कदम आगे बढ़ाते हुए उन्हें रॉयल लॉज यानी उनके सरकारी निवास से भी बाहर निकलने का आदेश दिया है।
सूत्रों के अनुसार, किंग चार्ल्स चाहते हैं कि रॉयल फैमिली की प्रतिष्ठा और अनुशासन बना रहे। वे नहीं चाहते कि किसी विवादित सदस्य की वजह से ब्रिटिश राजघराने की छवि खराब हो। बताया जा रहा है कि अब प्रिंस एंड्रयू को शाही सुविधाओं से वंचित कर दिया गया है और उन्हें निजी तौर पर रहने की सलाह दी गई है।
ब्रिटिश मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एंड्रयू अपने भाई के फैसले से नाराज हैं, लेकिन उन्होंने अभी तक कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है। वहीं, शाही परिवार ने इस पर टिप्पणी करने से इनकार किया है।
इस पूरे घटनाक्रम ने ब्रिटिश जनता के बीच बहस छेड़ दी है कि क्या अब राजघराना खुद को विवादों से अलग करने के लिए कठोर कदम उठा रहा है? इतना तय है कि कभी रॉयल फैमिली के चमकते सितारे रहे प्रिंस एंड्रयू का करियर अब लगभग खत्म हो चुका है।



