किसानों और धान मिलों को योगी सरकार का तोहफा: नॉन हाइब्रिड धान कुटाई में 1% रिकवरी छूट

उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के किसानों और धान मिल संचालकों को बड़ी राहत देते हुए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। योगी आदित्यनाथ सरकार ने नॉन हाइब्रिड धान की कुटाई (मिलिंग) में 1% रिकवरी की छूट देने का ऐलान किया है। यह कदम राज्य में धान मिलिंग प्रक्रिया को प्रोत्साहित करने और किसानों को उनके उपज का बेहतर मूल्य दिलाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
दरअसल, हर साल खरीफ सीजन में बड़ी मात्रा में धान की खरीद होती है, लेकिन मिलिंग प्रक्रिया के दौरान रिकवरी रेट (धान से निकलने वाले चावल की मात्रा) को लेकर किसानों और मिल मालिकों के बीच कई बार विवाद की स्थिति बन जाती है। ऐसे में सरकार ने नॉन हाइब्रिड धान के लिए 1% रिकवरी छूट देकर दोनों पक्षों को राहत दी है। इस फैसले से जहां मिलों पर अतिरिक्त दबाव कम होगा, वहीं किसानों को भी उनके धान की कीमत में उचित सुधार मिलेगा।
सरकार के मुताबिक, यह निर्णय कृषि क्षेत्र में संतुलन बनाए रखने और मिलिंग प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की दिशा में अहम कदम है। यूपी के खाद्य एवं रसद विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस छूट से लगभग लाखों टन धान की प्रोसेसिंग में सुधार आएगा और मिलों को काम करने में अधिक लचीलापन मिलेगा।
योगी सरकार की यह पहल कृषि क्षेत्र में निवेश बढ़ाने और किसानों की आमदनी दोगुनी करने के मिशन को भी मजबूत करेगी। साथ ही, यह कदम राज्य के कृषि उत्पादन को और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने में सहायक होगा। धान मिल संचालकों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इससे नॉन हाइब्रिड धान की मिलिंग के दौरान होने वाले नुकसान में कमी आएगी और कार्यप्रणाली में सुधार होगा।
कुल मिलाकर, योगी सरकार का यह निर्णय किसानों और मिल मालिकों दोनों के लिए एक सकारात्मक संदेश है। इससे न केवल राज्य में कृषि आधारित उद्योगों को प्रोत्साहन मिलेगा, बल्कि किसानों के हितों की सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता की दिशा में भी बड़ा कदम साबित होगा।



