Assam Bulldozer Action: निजी कृषि भूमि पर कार्रवाई को हाई कोर्ट ने बताया प्रथम दृष्टया अवैध

गोलपाड़ा में 7 सितंबर 2026 को जिला प्रशासन ने कई घरों को ध्वस्त किया था। इससे पहले प्रभावित लोगों को 5 सितंबर को नोटिस जारी कर 24 घंटे के भीतर घर हटाने को कहा गया था। 21 लोगों ने इस कार्रवाई को चुनौती देते हुए गुवाहाटी हाई कोर्ट का रुख किया।
सुनवाई के दौरान अदालत ने सवाल उठाया कि निजी जमीन पर बने घरों को गिराने के लिए ‘तत्काल खतरा’ क्या था। कोर्ट के अनुसार, उपलब्ध सामग्री से फिलहाल ऐसा कोई तत्काल खतरा स्पष्ट नहीं होता, जिसके आधार पर आपदा प्रबंधन कानून जैसी कठोर शक्तियों का इस्तेमाल किया जाए।
मामले में अदालत ने यह भी गौर किया कि प्रभावित लोगों को अपनी बात रखने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया गया। कोर्ट ने प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लेख करते हुए राज्य प्रशासन से कार्रवाई का आधार और परिस्थितियां स्पष्ट करने को कहा है।
रिपोर्टों के मुताबिक, अदालत ने प्रथम दृष्टया माना कि आपदा प्रबंधन कानून का इस्तेमाल इस कार्रवाई में उचित तरीके से हुआ या नहीं, इस पर सवाल है। हाई कोर्ट की टिप्पणियां फिलहाल मामले की सुनवाई के दौरान की गई न्यायिक टिप्पणियां हैं; अंतिम कानूनी निष्कर्ष मामले के आगे के आदेशों पर निर्भर करेगा।



