
महाराष्ट्र सरकार ने अवैध धर्मांतरण पर लगाम लगाने के लिए विधानसभा में सख्त बिल पेश किया है। बिल का उद्देश्य धोखाधड़ी, दबाव या प्रलोभन के जरिए होने वाले धर्मांतरण को रोकना है। इसके तहत किसी भी व्यक्ति को धर्म परिवर्तन के लिए जबरदस्ती या धोखे का शिकार बनाए जाने पर कड़ी सजा का प्रावधान है।
सरकार ने कहा है कि बिल के लागू होने के बाद अवैध धर्मांतरण की घटनाओं में कमी आएगी और धार्मिक स्वतंत्रता के नाम पर हो रहे अनियंत्रित रूपांतरण पर नियंत्रण सुनिश्चित होगा। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें जुर्माना और जेल की सजा शामिल है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम राज्य में सामाजिक स्थिरता और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है। इसके अलावा, बिल धार्मिक शिक्षा और जागरूकता के माध्यम से लोगों को धर्मांतरण के प्रति सचेत करने में भी मदद करेगा।
सरकार ने सभी समुदायों से सहयोग की अपील की है ताकि बिल के उद्देश्य को प्रभावी तरीके से लागू किया जा सके और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके।



