India’s Got Latent विवाद: समय रैना और रणवीर इलाहाबादिया को सुप्रीम कोर्ट से राहत

India’s Got Latent विवाद से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार, 14 अगस्त 2026 को बड़ा फैसला सुनाते हुए समय रैना, रणवीर इलाहाबादिया और अन्य के खिलाफ दर्ज FIR को रद्द कर दिया। इसके साथ ही इस विवाद से जुड़ी आपराधिक कार्यवाही पर विराम लग गया।
सुप्रीम कोर्ट की पीठ में CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना शामिल थे। अदालत ने समय रैना समेत अन्य कॉमेडियंस के खिलाफ दर्ज मामलों को खत्म करने का आदेश दिया।
मामला उस समय सुर्खियों में आया था जब India’s Got Latent से जुड़े कंटेंट और कुछ कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों के बाद देश के अलग-अलग हिस्सों में शिकायतें और FIR दर्ज हुई थीं। रणवीर इलाहाबादिया की विवादित टिप्पणी के बाद मामला खास तौर पर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया था।
बाद में मामले में दिव्यांग व्यक्तियों को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों का मुद्दा भी सामने आया। सुप्रीम कोर्ट ने इस पहलू पर भी सुनवाई की और समय रैना तथा अन्य से जुड़ी कार्यवाही पर विचार किया।
अदालत ने यह भी ध्यान में रखा कि आरोपियों ने पहले दिए गए निर्देशों के तहत दिव्यांगजनों के लिए जागरूकता कार्यक्रम और सहायता से जुड़े प्रयास किए थे। इन्हीं प्रयासों और अदालत के निर्देशों के अनुपालन को देखते हुए FIR खत्म करने का फैसला आया।
इससे पहले जुलाई 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने समय रैना और रणवीर इलाहाबादिया को अदालत के पुराने निर्देशों का पालन न करने को लेकर कड़ी फटकार लगाई थी और 3-3 लाख रुपये का जुर्माना जमा करने का निर्देश दिया था।
अब FIR रद्द होने के बाद इस चर्चित विवाद से जुड़ी आपराधिक कार्यवाही का यह अध्याय समाप्त हो गया है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से समय रैना और रणवीर इलाहाबादिया समेत अन्य संबंधित लोगों को बड़ी कानूनी राहत मिली है।



