
भारतीय नाविकों की मौत के मुद्दे पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने अमेरिका के रवैये पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि ऐसी दुखद घटनाओं के बाद संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण की अपेक्षा की जाती है, लेकिन अमेरिकी पक्ष की प्रतिक्रिया निराशाजनक दिखाई देती है।
थरूर ने सवाल उठाया कि यदि किसी मित्र देश के नागरिकों की जान जाती है तो केवल औपचारिक बयान पर्याप्त नहीं माने जा सकते। उनके अनुसार ऐसे मामलों में स्पष्ट खेद, संवेदना और जवाबदेही का प्रदर्शन होना चाहिए।
कांग्रेस सांसद ने कहा कि भारत और अमेरिका के संबंध रणनीतिक रूप से मजबूत हैं, लेकिन मित्रता का वास्तविक अर्थ कठिन परिस्थितियों में एक-दूसरे के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता दिखाना भी है। उन्होंने पूछा कि यदि भारतीय नागरिकों की मौत हुई है तो इस मामले में पर्याप्त सहानुभूति क्यों नहीं दिखाई गई।
उन्होंने यह भी कहा कि विदेश नीति केवल आर्थिक और सामरिक साझेदारी तक सीमित नहीं होती, बल्कि नागरिकों की सुरक्षा और सम्मान भी उतना ही महत्वपूर्ण विषय है। सरकार से उन्होंने इस मुद्दे को मजबूती से उठाने की अपेक्षा जताई।
राजनीतिक और कूटनीतिक हलकों में इस बयान को लेकर चर्चा तेज हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में पारदर्शी जांच और स्पष्ट संवाद दोनों देशों के संबंधों को मजबूत बनाए रखने के लिए आवश्यक होते हैं।
फिलहाल इस मुद्दे पर विभिन्न राजनीतिक दलों और कूटनीतिक विशेषज्ञों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं तथा आगे की घटनाओं पर सभी की नजर बनी हुई है।



