VP Radhakrishnan: अरुणाचल भारत की एकता का अभिन्न हिस्सा, विशेष सत्र में बोले उपराष्ट्रपति

अरुणाचल प्रदेश विधानसभा के विशेष सत्र को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने राज्य को भारत की एकता और विकास का अभिन्न हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि अरुणाचल प्रदेश की भूमिका केवल भौगोलिक दृष्टि से ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय एकता और देश की प्रगति में भी इसका विशेष योगदान है।
उपराष्ट्रपति ने अपने संबोधन में अरुणाचल प्रदेश की विविध सांस्कृतिक विरासत और देश की एकता में पूर्वोत्तर के योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि भारत की ताकत उसकी विविधता और अलग-अलग क्षेत्रों की साझा भागीदारी में निहित है।
विशेष सत्र के दौरान राज्य के विकास से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। अरुणाचल प्रदेश की भौगोलिक स्थिति और सीमावर्ती क्षेत्र के रूप में इसकी भूमिका इसे राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण बनाती है। ऐसे में बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी का विकास अहम माना जाता है।
सीपी राधाकृष्णन ने युवाओं की भूमिका पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि देश के विकास में युवाओं की भागीदारी बढ़ाना जरूरी है। शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के अवसरों के जरिए पूर्वोत्तर के युवाओं को आगे बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
अरुणाचल प्रदेश अपनी प्राकृतिक सुंदरता, जनजातीय परंपराओं और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है। राज्य के विकास के साथ पर्यावरण और स्थानीय समुदायों के हितों के बीच संतुलन बनाए रखना भी महत्वपूर्ण है।
उपराष्ट्रपति का विधानसभा में संबोधन ऐसे समय में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जब पूर्वोत्तर राज्यों को देश की विकास यात्रा में और मजबूती से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। सड़क, रेल, डिजिटल कनेक्टिविटी और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
विशेष सत्र के माध्यम से अरुणाचल प्रदेश की राष्ट्रीय भूमिका, विकास की संभावनाओं और देश की एकता में राज्य के योगदान को रेखांकित किया गया। उपराष्ट्रपति का संदेश यही रहा कि भारत की प्रगति में सीमावर्ती और पूर्वोत्तर राज्यों की भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है।



