धर्म-आस्था
मेष संक्रांति 2026: सूर्य अर्घ्य के नियम और लाभ, न करें ये गलती


मेष संक्रांति हिंदू पंचांग के अनुसार एक महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है, जो सूर्य के मेष राशि में प्रवेश करने पर मनाया जाता है। इस दिन सूर्य अर्घ्य देने की परंपरा को बहुत शुभ माना जाता है और ऐसा माना जाता है कि इससे व्यक्ति के मान-सम्मान और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सुबह स्नान के बाद तांबे के लोटे से सूर्य को जल अर्पित करना अत्यंत लाभकारी होता है। इस दौरान कुछ विशेष नियमों का पालन करना जरूरी माना गया है, क्योंकि छोटी सी गलती भी पूजा के पूर्ण फल को प्रभावित कर सकती है।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस दिन सूर्य मंत्रों का जाप और नियमपूर्वक अर्घ्य देने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और जीवन में सफलता के मार्ग खुलते हैं। वहीं, श्रद्धालुओं को सलाह दी जाती है कि पूजा करते समय शुद्धता और सही दिशा का विशेष ध्यान रखें।