Radha Ashtami 2026: राधा रानी के 6 शक्तिशाली मंत्र
राधा अष्टमी भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार यह राधारानी के प्राकट्य का दिन है। इस अवसर पर भक्त व्रत रखने के साथ राधा-कृष्ण की पूजा और मंत्र जाप करते हैं।
रिपोर्ट में पहला मंत्र “नमस्ते परमेशानि रासमण्डलवासिनी। रासेश्वरि नमस्तेऽस्तु कृष्ण प्राणाधिकप्रिये।।“ बताया गया है। इसे राधारानी की पूजा से पहले प्रणाम मंत्र के रूप में करने की बात कही गई है।
दूसरा मंत्र “श्रीराधायै स्वाहा” है, जिसका राधा अष्टमी पर 108 बार जाप करने की मान्यता बताई गई है। इसके अलावा “ॐ राधा-कृष्णाय नमः” मंत्र का 21, 51 या 108 बार जाप करने का उल्लेख रिपोर्ट में किया गया है।
तीसरे मंत्र के साथ राधा-कृष्ण दोनों की आराधना का भाव जुड़ा है। वहीं “ॐ ह्रीं श्रीराधिकायै नमः” को रिपोर्ट में आर्थिक बाधाओं से मुक्ति और कार्यों में सफलता से जुड़ी धार्मिक मान्यता के साथ बताया गया है।
पांचवें मंत्र के रूप में “नमस्त्रैलोक्यजननि प्रसीद करुणार्णवे। ब्रह्मविष्ण्वादिभिर्देवैर्वन्द्यमान पदाम्बुजे।।“ का उल्लेख है। इसका भाव राधारानी को त्रैलोक्य की जननी मानकर उनकी कृपा की प्रार्थना करना है।
छठा मंत्र राधा गायत्री मंत्र है—“वृषभानुज्यै विद्महे, कृष्णप्रियायै धीमहि, तन्नो राधा प्रचोदयात्।” रिपोर्ट के अनुसार इसके 108 बार जाप को एकाग्रता और मानसिक शांति से जोड़ा गया है।
इन मंत्रों से जुड़े लाभ धार्मिक मान्यताओं पर आधारित हैं। इन्हें वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित परिणाम के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।



