शनि अमावस्या 2026: 15 या 16 मई, सही तारीख, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

शनि अमावस्या हिंदू धर्म में एक अत्यंत महत्वपूर्ण तिथि मानी जाती है, जब शनिदेव की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है और ग्रह दोषों से मुक्ति के उपाय किए जाते हैं। इस दिन का संबंध विशेष रूप से कर्म, न्याय और शनि ग्रह की ऊर्जा से होता है।
Shani Amavasya की सही तिथि को लेकर हर साल पंचांग के आधार पर थोड़ा अंतर देखने को मिलता है। इस वर्ष भी 15 या 16 मई को लेकर संशय की स्थिति बनी हुई है, इसलिए श्रद्धालुओं को सलाह दी जाती है कि वे अपने स्थानीय पंचांग के अनुसार ही सही तिथि की पुष्टि करें।
इस दिन सुबह स्नान कर काले तिल, तेल और दीपक से शनिदेव की पूजा करने की परंपरा है। साथ ही पीपल के वृक्ष की पूजा और दान-पुण्य का विशेष महत्व माना जाता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शनि अमावस्या पर किए गए उपाय जीवन की बाधाओं को कम करने और सकारात्मक परिणाम दिलाने में सहायक होते हैं, इसलिए भक्त इस दिन को अत्यंत श्रद्धा और नियमों के साथ मनाते हैं।



