T20 World Cup में आक्रामक अंदाज ही बनेगा जीत की कुंजी, सुपर-8 में भारत को अपनानी होगी ‘वैभव स्टाइल’

आईसीसी के ICC Men’s T20 World Cup में टीम इंडिया ने ग्रुप स्टेज में दमदार प्रदर्शन करते हुए सुपर-8 में जगह बना ली है। हालांकि आगे की राह आसान नहीं मानी जा रही। क्रिकेट विशेषज्ञों और पूर्व खिलाड़ियों का मानना है कि अगर भारत को खिताब की दौड़ में मजबूती से बने रहना है, तो उसे युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की तरह निडर और आक्रामक क्रिकेट खेलना होगा। हाल के मैचों में वैभव ने जिस आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच के साथ बल्लेबाजी की, उसने टीम को तेज शुरुआत देने में अहम भूमिका निभाई। अब यही अंदाज सुपर-8 में भी बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।
टी20 फॉर्मेट में शुरुआत के पावरप्ले ओवर बेहद निर्णायक होते हैं। अगर टॉप ऑर्डर तेजी से रन बनाता है तो विपक्षी टीम पर दबाव बनता है। वैभव सूर्यवंशी ने इसी रणनीति को अपनाते हुए गेंदबाजों पर शुरुआत से ही हमला बोला। विशेषज्ञों का मानना है कि टीम इंडिया को रक्षात्मक मानसिकता छोड़कर आक्रामक रणनीति पर भरोसा करना होगा। सुपर-8 में ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका जैसी मजबूत टीमों से मुकाबला हो सकता है, ऐसे में हर रन की कीमत होगी।
कप्तान और कोचिंग स्टाफ भी इस बात को समझते हैं कि टी20 में जोखिम उठाना जरूरी है। मिडिल ऑर्डर को भी परिस्थिति के अनुसार तेजी दिखानी होगी। गेंदबाजी में विविधता और फील्डिंग में चुस्ती भारत की ताकत रही है, लेकिन बड़े मुकाबलों में बल्लेबाजी की निरंतरता ही जीत दिलाएगी। टीम मैनेजमेंट चाहती है कि खिलाड़ी दबाव में भी अपने प्राकृतिक खेल से समझौता न करें।
सुपर-8 चरण में पहुंचने के बाद अब असली परीक्षा शुरू होती है। यहां छोटी-सी गलती भी भारी पड़ सकती है। इसलिए ‘वैभव स्टाइल’ यानी आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और बेखौफ शॉट चयन को अपनाना ही टीम इंडिया के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। अगर भारतीय खिलाड़ी इसी मानसिकता के साथ मैदान पर उतरते हैं, तो टी20 विश्व कप का खिताब एक बार फिर भारत की झोली में आ सकता है।



