भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने का संकल्प: लखनऊ में सीएम योगी ने वायरलेस ऑपरेटरों को सौंपे नियुक्ति पत्र

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वायरलेस ऑपरेटरों को नियुक्ति पत्र (ज्वाइनिंग लेटर) सौंपे। इस अवसर पर उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “सरकार में आने के बाद हमने भर्ती बोर्डों का शुद्धिकरण किया।” यह बयान उत्तर प्रदेश में सरकारी भर्तियों की पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर योगी सरकार की नीति और संकल्प को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले भर्ती प्रक्रियाएं संदेह के घेरे में रहती थीं। युवाओं में यह धारणा थी कि नौकरी केवल सिफारिश या पैसे से मिलती है। लेकिन 2017 में जब से भारतीय जनता पार्टी की सरकार प्रदेश में आई, तब से उन्होंने इस धारणा को बदलने का काम किया है। योगी ने बताया कि भर्ती बोर्डों में पारदर्शिता, मेरिट और निष्पक्षता को प्राथमिकता दी गई। उन्होंने कहा, “हमने व्यवस्था में इस हद तक सुधार किया है कि अब बिना किसी सिफारिश या भ्रष्टाचार के, सिर्फ योग्यता के आधार पर युवाओं को नौकरी मिल रही है।”
वायरलेस ऑपरेटरों की यह भर्ती उत्तर प्रदेश पुलिस रेडियो विभाग के लिए की गई है, जो राज्य में सुरक्षा व्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मुख्यमंत्री ने सभी चयनित अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि वे अब प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था का एक अभिन्न हिस्सा बन चुके हैं। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को न केवल सरकारी नौकरी देने के लिए प्रतिबद्ध है, बल्कि कौशल विकास और प्रशिक्षण के जरिए उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का भी कार्य कर रही है।
कार्यक्रम में सीएम योगी ने यह भी उल्लेख किया कि यूपी पुलिस की छवि को पहले नकारात्मक दृष्टि से देखा जाता था, लेकिन बीते वर्षों में सरकार ने पुलिस सुधार, तकनीकी सशक्तिकरण और पेशेवर प्रशिक्षण के माध्यम से इस छवि को पूरी तरह से बदलने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि “हमारी पुलिस अब हाईटेक हो रही है, और संचार सेवाओं में वायरलेस ऑपरेटरों की भूमिका बेहद अहम है।”
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर यह भी स्पष्ट किया कि आने वाले वर्षों में भर्ती प्रक्रिया को और तेज़ और तकनीकी रूप से उन्नत किया जाएगा। युवाओं को अब योग्यता पर पूरा भरोसा होना चाहिए क्योंकि सरकार की नीति ‘भ्रष्टाचार मुक्त भर्ती, पारदर्शी चयन’ है।
इस कार्यक्रम के माध्यम से एक बार फिर योगी सरकार ने यह संदेश दिया है कि उत्तर प्रदेश में अब सरकारी नौकरियों की प्रक्रिया पूरी तरह से निष्पक्ष और पारदर्शी है। युवाओं को अब किसी बिचौलिए या भ्रष्ट तंत्र की ज़रूरत नहीं, सिर्फ मेहनत, लगन और योग्यता से वे अपने सपनों को साकार कर सकते हैं।



