योगी की पाती: गणेश चतुर्थी पर ‘वोकल फॉर लोकल’ का संदेश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गणेश चतुर्थी के मौके पर प्रदेशवासियों के नाम विशेष पाती लिखकर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने गणेशोत्सव को सामाजिक एकता और राष्ट्र के प्रति संकल्प को मजबूत करने वाला पर्व बताया।
सीएम योगी ने भगवान गणेश को ज्ञान, विवेक और कर्म की भावना का प्रतीक बताते हुए पर्व के संदेश को समाज और विकास से जोड़ने की बात कही। उन्होंने कहा कि त्योहार केवल धार्मिक आस्था का अवसर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी और एकता को मजबूत करने का माध्यम भी बन सकते हैं।
अपनी पाती में मुख्यमंत्री ने ‘वोकल फॉर लोकल’ पर विशेष जोर दिया। उन्होंने लोगों से स्थानीय और स्वदेशी उत्पादों को अपनाने की अपील की, ताकि स्थानीय कारीगरों, शिल्पकारों और उद्यमियों को बाजार मिल सके।
मुख्यमंत्री के संदेश में विकसित उत्तर प्रदेश के लक्ष्य को भी प्रमुखता दी गई। उन्होंने कहा कि प्रदेश का वास्तविक विकास केवल एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर से नहीं होता, बल्कि लोगों के हुनर, सोच और क्षमता से भी होता है।
विश्वकर्मा पूजा को लेकर सीएम योगी ने कौशल और तकनीक के महत्व को रेखांकित किया। भगवान विश्वकर्मा को सृष्टि का प्रथम शिल्पकार बताते हुए उन्होंने इस अवसर को उत्तर प्रदेश को कौशल और तकनीकी क्षमता के आधार पर आगे बढ़ाने से जोड़ा।
सरकार की ओर से कौशल विकास और युवाओं को उद्यमिता से जोड़ने वाली पहलों का भी संदेश में उल्लेख किया गया। इसका उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों, शिल्पकारों, युवाओं और छोटे उद्यमियों को कौशल, संसाधन और बाजार से जोड़ना है।
स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने से छोटे कारोबार और पारंपरिक हस्तशिल्प को मजबूती मिल सकती है। स्थानीय वस्तुओं की मांग बढ़ने पर कारीगरों और छोटे उत्पादकों के लिए रोजगार तथा आय के नए अवसर बनने की संभावना रहती है।
कुल मिलाकर, सीएम योगी की पाती में गणेश चतुर्थी की शुभकामनाओं के साथ सामाजिक एकता, आत्मनिर्भरता, कौशल विकास और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया है। ‘वोकल फॉर लोकल’ को व्यवहार का हिस्सा बनाने की अपील को उन्होंने विकसित उत्तर प्रदेश की व्यापक सोच से जोड़ा है।



