उत्तर प्रदेशकानपुरबड़ी खबरराज्य

यूपी के पहले फुटवियर पार्क के लिए 26 औद्योगिक भूखंड आवंटन को तैयार

  • कानपुर के रमईपुर में उत्तर प्रदेश का पहला फुटवियर पार्क विकसित करा रहा यूपीसीडा
  • प्रथम चरण में प्रस्तावित कुल 75 में से 26 भूखंडों को आवंटन के लिए खोला गया
  • प्लग एंड प्ले’ मॉडल के तहत निवेशकों को मिलेगी बिजली-पानी-सड़क जैसी सभी बुनियादी सुविधाएं
  • ₹4600 प्रति वर्ग मीटर की दर से एमएसएमई इकाइयों के लिए स्वीकृत किए गए हैं भूखंड
  • निवेशकों को आवेदन के साथ भूमि मूल्य का 5% अग्रिम भुगतान करना होगा
  • 60 दिनों में 20% और शेष 75% राशि तीन वर्षों में किस्तों में चुकाने की मिलेगी सुविधा
  • समय से भुगतान करने पर 2% की छूट और एंकर यूनिट के रूप में निवेश करने पर 10% की अतिरिक्त छूट भी मिलेगी

कानपुर/लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार के 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य की दिशा में उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इसके तहत कानपुर के रमईपुर क्षेत्र में विकसित हो रहे प्रदेश के पहले फुटवियर पार्क के प्रथम चरण के 26 औद्योगिक भूखंड अब निवेश मित्र पोर्टल पर आवंटन के लिए उपलब्ध करा दिए गए हैं। यूपीसीडा द्वारा ₹4600 प्रति वर्ग मीटर की दर से ये भूखंड एमएसएमई इकाइयों के लिए स्वीकृत किए गए हैं, जिससे क्षेत्रीय विकास और रोजगार को गति मिलेगी।

उल्लेखनीय है कि प्रथम चरण में प्रस्तावित कुल 75 औद्योगिक भूखंडों में से इन 26 भूखंडों को प्राथमिकता पर आवंटन के लिए खोला गया है। निवेशकों को आवेदन के साथ भूमि मूल्य का 5% अग्रिम भुगतान करना होगा। 60 दिनों में 20% और शेष 75% राशि तीन वर्षों में समान किस्तों में, 10% वार्षिक ब्याज दर के साथ चुका सकते हैं। समय से भुगतान करने पर 2% की छूट और एंकर यूनिट के रूप में निवेश करने पर 10% की अतिरिक्त छूट भी मिलेगी।

आधुनिक सुविधाओं से युक्त पार्क

करीब ₹80 करोड़ की लागत से विकसित हो रहा यह पार्क कुल 131.69 एकड़ में फैला होगा। इसमें मजबूत सड़क नेटवर्क, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, वर्षा जल निकासी, जलापूर्ति की संपूर्ण व्यवस्था और 40 मेगावाट बिजली आपूर्ति क्षमता जैसी सभी मूलभूत सुविधाएं शामिल हैं। इसमें 83 एकड़ क्षेत्र में 75 औद्योगिक भूखंड विकसित किए जा रहे हैं, जबकि 5.46 एकड़ क्षेत्र में दो वेयरहाउस भूखंड प्रस्तावित हैं। पार्क में 5 किलोमीटर लंबा सड़क नेटवर्क विकसित किया जा रहा है, जिसमें रिजिड और फ्लेक्सिबल दोनों प्रकार के पैवमेंट शामिल हैं। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (SWM) की सुविधा 5 टन प्रतिदिन की क्षमता के साथ उपलब्ध कराई जाएगी, जिसकी अनुमानित लागत ₹2 करोड़ है। जलापूर्ति की आवश्यकता की पूर्ति के लिए भूमिगत जल स्रोत का उपयोग किया जाएगा, जिसकी कुल मांग लगभग 10 MLD आंकी गई है। वर्षा जल निकासी के लिए 10 किलोमीटर लंबा RCC सेक्शन आधारित स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज नेटवर्क तैयार किया जा रहा है। बिजली आपूर्ति के लिए 220 केवी का सबस्टेशन प्रस्तावित स्थल से लगभग 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है जो कुल 40 मेगावाट लोड आवश्यकताओं की पूर्ति करेगा।

‘प्लग एंड प्ले’ से समय और लागत की बचत

यूपीसीडा की “प्लग एंड प्ले” नीति के अंतर्गत भूखंडों को तैयार अवस्थिति में दिया जा रहा है, जिससे एमएसएमई इकाइयों को तुरंत निर्माण और उत्पादन प्रारंभ करने में सुविधा मिलेगी। यह मॉडल विशेष रूप से छोटे और मझोले निवेशकों के लिए आकर्षक बन गया है। यूपीसीडा के सीईओ मयूर माहेश्वरी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के मार्गदर्शन में हम निवेशकों को विश्वस्तरीय औद्योगिक माहौल उपलब्ध कराने हेतु प्रतिबद्ध हैं। रमईपुर का यह फुटवियर पार्क न केवल औद्योगिक विकास को बढ़ावा देगा, बल्कि हजारों रोजगारों के अवसर भी सृजित करेगा। जो निवेशक उत्तर प्रदेश में एमएसएमई इकाई स्थापित करने के इच्छुक हैं, उनके लिए यह एक अनोखा अवसर है।

Computer Jagat 24

Founded in 2018, Computer Jagat24 has quickly emerged as a leading news source based in Lucknow, Uttar Pradesh. Our mission is to inspire, educate, and outfit our readers for a lifetime of adventure and stewardship, reflecting our commitment to providing comprehensive and reliable news coverage.

संबंधित समाचार

Back to top button