685 करोड़ का फंड अटका, निकाय लापरवाह
उत्तर प्रदेश में नगरीय निकायों और प्राधिकरणों की घोर लापरवाही एक बार फिर सामने आई है। राज्य सरकार ने नगरीय विकास और आधारभूत संरचना के लिए 685 करोड़ रुपये का फंड जारी किया है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि यह राशि संबंधित निकाय अभी तक उठा ही नहीं पाए हैं। कई निकायों ने आवश्यक दस्तावेज या प्रस्ताव समय से नहीं भेजे, तो कुछ जगहों पर योजनाएं ही अधूरी हैं।
राज्य सरकार की योजना थी कि इस राशि से नगरीय क्षेत्रों में सड़कें, सीवरेज, सफाई और पेयजल जैसी बुनियादी सेवाओं को मजबूत किया जाए। लेकिन नगर निगमों, नगर परिषदों और विकास प्राधिकरणों की निष्क्रियता के चलते न तो काम शुरू हो पाया और न ही फंड का उपयोग। कई निकायों ने योजनाएं तो बनाई हैं लेकिन आवश्यक अनुमोदन और तकनीकी अनुमतियां नहीं लीं। वहीं कुछ ने अभी तक उपयोगिता प्रमाणपत्र (UC) तक नहीं भेजा, जो फंड रिलीज़ की पहली शर्त होती है।
सरकारी अफसरों का कहना है कि इतनी बड़ी राशि पड़ी-पड़ी निष्क्रिय रहना विकास में बाधा है। अगर निकाय इसे समय से नहीं उठाते, तो सरकार इस फंड को अन्य जरूरतों में लगाने पर विचार कर सकती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी इस मामले में नाराजगी जता चुके हैं। उन्होंने निर्देश दिया है कि निकायों की जवाबदेही तय की जाए और ऐसे अफसरों पर सख्त कार्रवाई हो जो विकास कार्यों में बाधा बन रहे हैं।



