बाराबंकी-बहराइच एक्सप्रेसवे को मिली बड़ी मंजूरी, जंगल क्षेत्र में पेड़ कटाई का रास्ता साफ

उत्तर प्रदेश में बाराबंकी-बहराइच एक्सप्रेसवे/चार-लेन हाईवे परियोजना को लेकर महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। परियोजना के लिए वन क्षेत्र में आवश्यक स्वीकृतियां मिलने के बाद पेड़ कटाई का रास्ता साफ हो गया है, जिससे लंबे समय से अटकी निर्माण प्रक्रिया को गति मिलने की उम्मीद है।
यह परियोजना राष्ट्रीय राजमार्ग-927 (NH-927) के बाराबंकी-बहराइच खंड को चार लेन, एक्सेस-कंट्रोल्ड कॉरिडोर के रूप में विकसित करने से जुड़ी है। इसकी अनुमानित लागत करीब ₹6,927 करोड़ बताई गई है और यह लगभग 101 किलोमीटर लंबा होगा।
रिपोर्टों के अनुसार, प्रस्तावित मार्ग का एक हिस्सा वन क्षेत्र से गुजरता है। इसी वजह से वन स्वीकृति परियोजना की सबसे बड़ी बाधाओं में शामिल थी। अब मंजूरी मिलने के बाद निर्माण कार्य के लिए अगली प्रक्रियाएं, जैसे टेंडर और सिविल वर्क, तेज होने की संभावना है।
परियोजना पूरी होने पर बाराबंकी से बहराइच के बीच यात्रा का समय काफी कम होने की उम्मीद है। साथ ही नेपाल सीमा की ओर जाने वाली कनेक्टिविटी बेहतर होगी, जिससे व्यापार, पर्यटन और स्थानीय परिवहन को भी बढ़ावा मिल सकता है।
हालांकि, वन क्षेत्र में पेड़ों की कटाई को लेकर पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऐसे मामलों में आमतौर पर संबंधित एजेंसियों को प्रतिपूरक वनीकरण (Compensatory Afforestation) और अन्य पर्यावरणीय शर्तों का पालन करना होता है।



