Lucknow-Kanpur Expressway: PNC पर 3 साल का प्रतिबंध, 25 से संचालन

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे को लेकर NHAI ने बड़ा फैसला लिया है। एक्सप्रेसवे में सामने आई खामियों और एलिवेटेड रोड से कंक्रीट गिरने के मामले के बाद निर्माण कंपनी PNC पर तीन वर्ष का प्रतिबंध लगाया गया है।
NHAI के इस प्रतिबंध के तहत PNC अगले तीन वर्षों तक NHAI और सड़क परिवहन मंत्रालय के नए प्रोजेक्ट्स के लिए बोली नहीं लगा सकेगी। यह कार्रवाई एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता और सुरक्षा से जुड़े मामलों के बाद की गई है।
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर सड़क की परतें उखड़ने के बाद एलिवेटेड रोड का प्लास्टर गिरने की घटना भी सामने आई थी। इसके बाद कानपुर से लखनऊ की ओर जाने वाली लेन पर वाहनों का संचालन रोक दिया गया था।
अब बंद लेन पर 25 सितंबर से दोबारा वाहनों का संचालन शुरू करने की तैयारी है। यातायात बहाल करने से पहले सुरक्षा और मरम्मत से जुड़े कार्यों को ध्यान में रखा जा रहा है।
इससे पहले भी एक्सप्रेसवे से जुड़ी खामियों को लेकर कार्रवाई हो चुकी है। जुलाई 2026 में सड़क धंसने के मामले में परियोजना से जुड़े तीन अधिकारियों को दो वर्ष के लिए प्रतिबंधित किया गया था।
NHAI ने PNC की सहायक कंपनी अवध एक्सप्रेसवे प्राइवेट लिमिटेड पर भी तीन वर्ष का प्रतिबंध लगाया है। हालांकि, बाराबंकी और बहराइच के छह लेन वाले प्रोजेक्ट पर इस कार्रवाई का असर नहीं पड़ेगा।
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का लोकार्पण 13 जुलाई 2026 को हुआ था। इसके बाद सड़क में खामियों और बारिश के दौरान सामने आई समस्याओं को लेकर लगातार सवाल उठे। हाल में एलिवेटेड रोड से मलबा गिरने के बाद सुरक्षा कारणों से यातायात रोका गया था।
अब 25 सितंबर से बंद लेन पर यातायात शुरू होने के बाद एक्सप्रेसवे के संचालन की स्थिति पर नजर रहेगी। साथ ही NHAI की कार्रवाई से निर्माण गुणवत्ता और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की निगरानी को लेकर भी चर्चा तेज हुई है।



