उत्तर प्रदेशलखनऊ

यूपी के 3600 से अधिक अस्पतालों में अब होगा मुफ्त इलाज, योगी सरकार का निर्देश

अब यूपी के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) में भी आयुष्मान योजना के लाभार्थियों को इलाज की सुविधा मिल सकेगी। शासन ने प्रदेश भर की पीएचसी को योजना से जोड़ने के आदेश दिए हैं। इसके लिए निर्धारित बेड की संख्या के मानकों को भी शिथिल किया गया है। ऐसा होने पर पात्र लोगों को घर के और नजदीक मुफ्त इलाज की सुविधा मिल सकेगी। वहीं योजना से संबद्ध अस्पतालों की फेहरिस्त में भी साढ़े तीन हजार से अधिक अस्पताल और शामिल हो जाएंगे।

केंद्र की महत्वाकांक्षी ‘आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य’ योजना के लाभार्थी परिवारों को 5 लाख तक सालाना मुफ्त इलाज की सुविधा दी जा रही है। अभी तक योजना से प्रदेश के तमाम निजी अस्पतालों के अलावा सरकारी क्षेत्र के जिला व महिला अस्पतालों के अलावा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) को जोड़ा गया है।

अब प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य पार्थ सारथी सेन शर्मा ने सभी मुख्य चिकित्साधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रदेश की सभी पीएचसी को भी आयुष्मान योजना से जोड़ा जाए। बेडों की निर्धारित संख्या के नियमों में शिथिलीकरण करते हुए अब इसे चार बेड कर दिया गया है। अभी तक 30 बेड वाली सीएचसी को ही योजना से जोड़ा गया था।

एक महीने में जुड़ेंगी सारी पीएचसी

प्रमुख सचिव ने एक माह में प्रदेश की सभी पीएचसी को योजना से जोड़ने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा विभिन्न जिलों की जो सीएचसी अभी आयुष्मान योजना से नहीं जुड़ी है, उन्हें भी आयुष्मान भारत योजना का हिस्सा बनाने को कहा गया है। छूटी हुई सीएचसी और सभी पीएचसी को हॉस्पीटल इम्पेनलमेंट मॉड्यूल पर आवेदन करने को कहा गया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण ने निर्देश दिए थे कि जिन सरकारी अस्पतालों में रोगी भर्ती करने की सुविधा है, उन्हें योजना का हिस्सा माना जाए।

यह है अस्पतालों के संबद्धीकरण की स्थिति

3540 अस्पताल यूपी के अभी योजना से संबद्ध
2421 निजी अस्पताल हैं आयुष्मान भारत का हिस्सा
1119 सरकारी अस्पताल ही अभी योजना से जुड़े
3600 से अधिक पीएचसी भी अब होंगी शामिल

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