योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला, छाता चीनी मिल में लगेगा एथेनॉल प्लांट

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने मथुरा की छाता चीनी मिल को लेकर बड़ा फैसला लिया है। कैबिनेट की मंजूरी के बाद चीनी मिल परिसर में ड्यूल मोड एथेनॉल प्लांट लगाने का रास्ता साफ हो गया है। इस फैसले को लंबे समय से बंद पड़ी मिल की गतिविधियों को दोबारा शुरू करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
करीब 19 साल बाद छाता चीनी मिल में फिर से रौनक लौटने की उम्मीद जगी है। एथेनॉल प्लांट की स्थापना से मिल परिसर में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है और क्षेत्र में कारोबार से जुड़े नए अवसर पैदा होने की संभावना है।
ड्यूल मोड एथेनॉल प्लांट की खासियत यह है कि इसमें अलग-अलग कच्चे माल के आधार पर एथेनॉल उत्पादन की क्षमता विकसित की जा सकती है। इससे चीनी उद्योग के साथ एथेनॉल उत्पादन को जोड़ने में मदद मिल सकती है और मिल की आर्थिक उपयोगिता बढ़ाने का प्रयास किया जा सकता है।
छाता चीनी मिल से जुड़े इस फैसले का असर आसपास के क्षेत्र पर भी पड़ने की उम्मीद है। मिल के दोबारा सक्रिय होने से स्थानीय स्तर पर रोजगार और व्यापारिक गतिविधियों को गति मिल सकती है। साथ ही एथेनॉल उत्पादन को बढ़ावा मिलने से उत्तर प्रदेश के औद्योगिक और ऊर्जा क्षेत्र को भी मजबूती मिलने की संभावना है।



