इजरायल में सुरक्षा चूक? बैन के बावजूद तेल अवीव पहुंचे ओमानी पायलट

फ्लाईदुबई की दुबई-तेल अवीव उड़ान में कॉकपिट के भीतर हुई घटना के बाद इजरायल में विदेशी एयरलाइनों के पायलटों की सुरक्षा जांच को लेकर चर्चा तेज हो गई है। 30 सितंबर 2026 को उड़ान के दौरान ओमानी सह-पायलट पर कप्तान पर हमला करने और विमान को नुकसान पहुंचाने की कोशिश का आरोप लगा। विमान को बाद में सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतारा गया। मामले की जांच जारी है।
इजरायली मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, जिन देशों के इजरायल के साथ राजनयिक संबंध नहीं हैं, वहां के पायलटों के इजरायल जाने वाली उड़ानों के संचालन पर प्रतिबंध से जुड़ी व्यवस्था मौजूद थी। इसके बावजूद पिछले वर्षों में एक दर्जन से अधिक, और कुछ रिपोर्टों के अनुसार दर्जनों, ओमानी पायलट फ्लाईदुबई की उड़ानों से तेल अवीव पहुंचे।
रिपोर्टों में कहा गया है कि सुरक्षा एजेंसियां पायलटों की राष्ट्रीयता की स्वतंत्र जांच करने के बजाय एयरलाइनों पर नियम लागू करने के लिए निर्भर थीं। इस व्यवस्था को लेकर अब सवाल उठ रहे हैं कि ओमानी पायलटों को इजरायल जाने वाली उड़ानों के लिए मंजूरी कैसे मिली।
घटना के बाद इजरायल की ओर से तेल अवीव आने वाली उड़ानों के पायलटों की पहचान और सुरक्षा जांच को और कड़ा करने की बात कही गई है। वहीं फ्लाईदुबई ने घटना की जांच शुरू होने की जानकारी दी है और जांच पूरी होने से पहले अटकलों से बचने की बात कही है।
साथ ही, अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि संबंधित ओमानी सह-पायलट को पहले ओमान में उड़ान भरने से रोक दिया गया था। हालांकि, उसके पूर्व रिकॉर्ड और अलग-अलग देशों के बीच जानकारी साझा किए जाने को लेकर कई तथ्य अभी जांच के दायरे में हैं।



