यमन में हूतियों का बढ़ा कब्जा, बाब-अल-मंदेब पर मंडराया खतरा

यमन में हूती विद्रोहियों के बढ़ते नियंत्रण को लेकर लाल सागर क्षेत्र में तनाव और समुद्री सुरक्षा की चिंता बढ़ गई है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि हूतियों ने यमन के करीब 2,600 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र पर अपना नियंत्रण स्थापित किया है। इसके चलते रणनीतिक बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य को लेकर भी आशंकाएं जताई जा रही हैं।
बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य लाल सागर को अदन की खाड़ी और हिंद महासागर के समुद्री मार्ग से जोड़ता है। वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए यह बेहद महत्वपूर्ण समुद्री रास्ता माना जाता है। यहां किसी भी तरह का व्यवधान अंतरराष्ट्रीय शिपिंग पर असर डाल सकता है।
यमन में हूतियों की बढ़ती सैन्य मौजूदगी के बीच ईरान से मिलने वाली कथित मदद भी लगातार चर्चा में रही है। हथियारों और सैन्य क्षमता से जुड़े आरोपों के कारण क्षेत्रीय शक्तियों के बीच तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जाती है।
बाब-अल-मंदेब में स्थिति बिगड़ने का असर केवल यमन तक सीमित नहीं रहेगा। लाल सागर से होकर गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा, तेल एवं अन्य वस्तुओं की आपूर्ति और वैश्विक समुद्री व्यापार पर इसका प्रभाव पड़ सकता है। सऊदी अरब की भौगोलिक निकटता को देखते हुए उसकी सुरक्षा को लेकर भी चिंताएं सामने आ रही हैं।
हालांकि, यमन में क्षेत्रीय नियंत्रण और 2,600 वर्ग किलोमीटर कब्जे जैसे दावों की स्वतंत्र पुष्टि महत्वपूर्ण है। आने वाले दिनों में क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों और समुद्री मार्गों की स्थिति पर दुनिया की नजर बनी रहेगी।



