हूतियों का सऊदी अरब पर मिसाइल-ड्रोन हमला, बढ़ा तनाव

बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ते तनाव के बीच सऊदी अरब को एक और झटका लगा है। यमन के हूती विद्रोहियों ने दक्षिणी सऊदी अरब स्थित सैन्य ठिकाने पर मिसाइल और ड्रोन हमले का दावा किया है।
रिपोर्टों के मुताबिक, हूतियों ने नजऱान प्रांत के शरूराह सैन्य बेस को निशाना बनाने की बात कही है। हूती सैन्य प्रवक्ता के अनुसार, हमले में मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल किया गया तथा हथियार भंडार और कमांड सेंटर को लक्ष्य बनाया गया।
यह हमला ऐसे समय हुआ है जब यमन में हूती लड़ाकों और सऊदी समर्थित सरकारी बलों के बीच संघर्ष काफी तेज हो गया है। हाल के दिनों में हूतियों ने सऊदी अरब के दक्षिणी इलाकों में सैन्य और ऊर्जा प्रतिष्ठानों को भी निशाना बनाने का दावा किया है।
बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य की रणनीतिक अहमियत इस पूरे संकट को और गंभीर बनाती है। यह समुद्री मार्ग लाल सागर और अदन की खाड़ी को जोड़ता है और अंतरराष्ट्रीय व्यापार तथा ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। हूतियों की इस क्षेत्र में बढ़ती गतिविधियों से समुद्री यातायात और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर चिंता बढ़ी है।
हालिया घटनाक्रम में हूतियों ने यमन के लाल सागर तट पर अपनी स्थिति मजबूत की है। रिपोर्टों के अनुसार, रणनीतिक पेरिम द्वीप पर उनका नियंत्रण भी बढ़ा है, जिससे बाब अल-मंडेब के आसपास सुरक्षा चिंताएं और गहरा गई हैं।
सऊदी अरब और हूतियों के बीच बढ़ती सैन्य गतिविधियों का असर अब क्षेत्रीय स्थिरता से आगे वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी पड़ने लगा है। सऊदी तेल बुनियादी ढांचे पर हमलों और समुद्री मार्गों से जुड़ी चिंताओं के कारण तेल आपूर्ति को लेकर जोखिम बढ़ा है।
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच आने वाले दिनों में बाब अल-मंडेब और लाल सागर क्षेत्र की स्थिति पर दुनिया की नजर रहेगी। यदि संघर्ष और बढ़ता है तो इसका असर यमन, सऊदी अरब और आसपास के देशों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार पर भी पड़ सकता है।



