भारत की घटती जन्म दर पर एलन मस्क की चिंता, बोले- रिप्लेसमेंट लेवल से नीचे पहुंचा आंकड़ा

Elon Musk ने भारत में घटती जन्म दर को लेकर चिंता जताते हुए कहा है कि देश की कुल प्रजनन दर (Total Fertility Rate) रिप्लेसमेंट लेवल से नीचे पहुंच चुकी है। उनका मानना है कि यदि यह प्रवृत्ति लंबे समय तक जारी रहती है, तो भविष्य में जनसंख्या संरचना, कार्यबल और आर्थिक विकास पर इसका प्रभाव पड़ सकता है।
रिप्लेसमेंट लेवल वह स्तर माना जाता है, जिस पर एक पीढ़ी स्वयं को जनसंख्या के रूप में प्रतिस्थापित कर सकती है। आमतौर पर इसे लगभग 2.1 बच्चों प्रति महिला के आसपास माना जाता है। जब किसी देश की प्रजनन दर इससे नीचे चली जाती है, तो लंबे समय में जनसंख्या वृद्धि की रफ्तार धीमी पड़ सकती है और वृद्ध आबादी का अनुपात बढ़ सकता है।
जनसांख्यिकी विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में शिक्षा का विस्तार, शहरीकरण, महिलाओं की बढ़ती भागीदारी, स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और परिवार नियोजन के प्रति जागरूकता जैसे कई कारणों से जन्म दर में गिरावट देखी गई है। हालांकि भारत अभी भी दुनिया के सबसे अधिक आबादी वाले देशों में शामिल है और विभिन्न राज्यों में प्रजनन दर के स्तर अलग-अलग हैं।
एलन मस्क इससे पहले भी कई देशों में घटती जन्म दर को लेकर चिंता व्यक्त कर चुके हैं। उनका तर्क रहा है कि लंबे समय तक कम प्रजनन दर बने रहने पर कई देशों को श्रमबल की कमी और सामाजिक सुरक्षा प्रणालियों पर अतिरिक्त दबाव जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि घटती जन्म दर अपने साथ अवसर और चुनौतियां दोनों लेकर आती है। एक ओर इससे संसाधनों पर दबाव कम हो सकता है, वहीं दूसरी ओर भविष्य में कार्यशील आबादी और आश्रित जनसंख्या के संतुलन को बनाए रखना नीति निर्माताओं के लिए महत्वपूर्ण विषय बन सकता है।



