भारतीय मूल के श्रीराम कृष्णन ने छोड़ा AI पॉलिसी एडवाइजर का पद, ट्रंप प्रशासन को झटका

भारतीय मूल के प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ Sriram Krishnan ने AI पॉलिसी एडवाइजर के पद से हटने की घोषणा की है। उनके इस फैसले को अमेरिकी प्रशासन और तकनीकी क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है। श्रीराम कृष्णन लंबे समय से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), प्रौद्योगिकी नवाचार और डिजिटल नीतियों से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं।
उनके पद छोड़ने की घोषणा के बाद अमेरिका में AI नीति और तकनीकी नियमन को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि AI क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहा है और इस क्षेत्र में नीति निर्माण से जुड़े पदों का महत्व लगातार बढ़ता जा रहा है।
श्रीराम कृष्णन का नाम वैश्विक तकनीकी जगत में जाना-पहचाना रहा है। उन्होंने कई प्रमुख प्रौद्योगिकी कंपनियों में कार्य किया है और स्टार्टअप इकोसिस्टम से भी जुड़े रहे हैं। इसी अनुभव के कारण उन्हें तकनीकी नीति से जुड़े महत्वपूर्ण दायित्वों के लिए उपयुक्त माना जाता था।
हालांकि उनके पद छोड़ने के पीछे के कारणों को लेकर विभिन्न तरह की चर्चाएं हो रही हैं, लेकिन आधिकारिक रूप से उपलब्ध जानकारी के आधार पर इसे उनके व्यक्तिगत और पेशेवर निर्णय के रूप में देखा जा रहा है। प्रशासन की ओर से भी इस घटनाक्रम पर नजर रखी जा रही है।
AI तकनीक आज वैश्विक अर्थव्यवस्था, राष्ट्रीय सुरक्षा, रोजगार और डिजिटल शासन जैसे क्षेत्रों को प्रभावित कर रही है। ऐसे में इस क्षेत्र से जुड़े वरिष्ठ सलाहकारों के फैसले अक्सर नीति और उद्योग जगत में व्यापक चर्चा का विषय बनते हैं। श्रीराम कृष्णन के इस्तीफे को भी इसी संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।



