Tejas Mk2 के सामने JF-17 Block 3 कमजोर? पाकिस्तानी एक्सपर्ट ने बताई वजह

भारत के Tejas Mk2 और पाकिस्तान-चीन के JF-17 Block 3 की तुलना को लेकर रक्षा विशेषज्ञों के बीच चर्चा तेज है। हालिया टिप्पणी में एक पाकिस्तानी रक्षा विशेषज्ञ ने तेजस Mk2 को भविष्य के मुकाबले में मजबूत प्लेटफॉर्म बताया है। उनके मुताबिक इसकी BVR मिसाइल क्षमता, आधुनिक एवियोनिक्स और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम JF-17 Block 3 के मुकाबले अहम फायदा दे सकते हैं।
JF-17 Block 3 हालांकि कमजोर विमान नहीं है। इसमें AESA रडार और PL-15 जैसी लंबी दूरी की BVR मिसाइल को शामिल किया गया है। पाकिस्तान एयरफोर्स ने आधिकारिक तौर पर JF-17 Block 3 को PL-15 से लैस दिखाया है, जिससे इसकी लंबी दूरी की हवाई लड़ाई की क्षमता में बढ़ोतरी होती है।
दूसरी ओर, Tejas Mk2 को Tejas Mk1A से बड़ा और अधिक सक्षम मध्यम वजन वाला लड़ाकू विमान बनाने की योजना है। इसमें उन्नत AESA रडार, अधिक हथियार क्षमता और लंबी दूरी की मिसाइलों को एकीकृत करने की योजना है। हालांकि, Tejas Mk2 अभी ऑपरेशनल सेवा में नहीं है, इसलिए इसके प्रदर्शन की तुलना मौजूदा JF-17 Block 3 से करते समय सावधानी जरूरी है।
BVR युद्ध में केवल मिसाइल की अधिकतम रेंज ही निर्णायक नहीं होती। रडार, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर, सेंसर फ्यूजन, डेटा लिंक, पायलट प्रशिक्षण और AWACS जैसी नेटवर्क क्षमताएं भी परिणाम को प्रभावित करती हैं। इसलिए किसी एक विमान को निश्चित रूप से विजेता बताना वास्तविक युद्ध परिस्थितियों में मुश्किल है।
फिलहाल इतना जरूर कहा जा सकता है कि Tejas Mk2 भारत के लिए अगली पीढ़ी की स्वदेशी लड़ाकू क्षमता बढ़ाने वाली अहम परियोजना है, जबकि JF-17 Block 3 पाकिस्तान के मौजूदा हल्के लड़ाकू विमान बेड़े का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। दोनों की वास्तविक तुलना तब ज्यादा स्पष्ट होगी, जब Tejas Mk2 का विकास, परीक्षण और हथियार एकीकरण पूरा होकर यह ऑपरेशनल सेवा में आएगा।



