टाइटैनिक सर्वाइवर का लाइफजैकेट 114 साल बाद नीलाम, 6.7 करोड़ रुपये में बिका

टाइटैनिक हादसे से जुड़ी एक दुर्लभ ऐतिहासिक वस्तु 114 साल बाद फिर चर्चा में आ गई है। टाइटैनिक के एक सर्वाइवर का लाइफजैकेट नीलामी में करीब 6.7 करोड़ रुपये की कीमत में बिका। यह लाइफजैकेट उस भयावह रात की यादों को संजोए हुए है, जब वर्ष 1912 में दुनिया का सबसे बड़ा यात्री जहाज टाइटैनिक अपनी पहली यात्रा के दौरान अटलांटिक महासागर में डूब गया था।
नीलामी में इस लाइफजैकेट को लेकर दुनियाभर के इतिहास प्रेमियों और संग्रहकर्ताओं में खासा उत्साह देखा गया। टाइटैनिक से जुड़ी वस्तुएं हमेशा से लोगों के आकर्षण का केंद्र रही हैं, क्योंकि वे उस ऐतिहासिक घटना की प्रत्यक्ष यादें मानी जाती हैं, जिसमें हजारों यात्रियों की जिंदगी प्रभावित हुई थी।
विशेषज्ञों के अनुसार, टाइटैनिक से संबंधित असली वस्तुओं की संख्या बेहद सीमित है, इसलिए उनकी कीमत समय के साथ बढ़ती गई है। लाइफजैकेट जैसी वस्तुएं केवल संग्रह की चीज नहीं, बल्कि उस दौर की तकनीक, समुद्री यात्रा और मानवीय संघर्ष की कहानी भी बताती हैं।
1912 में टाइटैनिक के डूबने की घटना को दुनिया की सबसे बड़ी समुद्री त्रासदियों में गिना जाता है। इस हादसे में बड़ी संख्या में यात्रियों और चालक दल के सदस्यों की मौत हुई थी, जबकि कुछ लोग लाइफबोट और बचाव उपकरणों की मदद से जीवित बच पाए थे। अब इस लाइफजैकेट की नीलामी ने एक बार फिर टाइटैनिक की कहानी को दुनिया भर में सुर्खियों में ला दिया है।



