कश्मीर पर अमेरिका का रुख नहीं बदला, पाकिस्तान को भरोसा
सर्जियो गोर ने श्रीनगर में जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से मुलाकात के बाद क्षेत्र को भारत का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया था। उन्होंने यह भी कहा था कि अमेरिका जम्मू-कश्मीर के लिए जारी अपनी यात्रा संबंधी चेतावनी की समीक्षा कर सकता है। उनके बयान के बाद पाकिस्तान ने इस पर आपत्ति जताते हुए इस्लामाबाद में अमेरिकी राजनयिक को तलब किया था।
पाकिस्तान की ओर से स्पष्टीकरण मांगे जाने के बाद अमेरिकी अधिकारियों ने कथित तौर पर इस्लामाबाद को बताया कि कश्मीर विवाद पर वॉशिंगटन की स्थिति में कोई बदलाव नहीं हुआ है। पाकिस्तानी राजनयिक सूत्रों के अनुसार, अमेरिका अभी भी कश्मीर को ऐसा विवाद मानता है जिसका समाधान भारत और पाकिस्तान के बीच होना चाहिए। यह जानकारी पाकिस्तान के अखबार डॉन ने राजनयिक सूत्रों के हवाले से दी है।
इस पूरे घटनाक्रम में सर्जियो गोर का अगस्त का बयान और अमेरिकी सरकार की कथित नीति-स्पष्टीकरण अलग-अलग बातें हैं। गोर ने श्रीनगर में कश्मीर को भारत का महत्वपूर्ण हिस्सा कहा था, जबकि बाद में पाकिस्तानी पक्ष को दिए गए अमेरिकी स्पष्टीकरण में कहा गया कि कश्मीर नीति में बदलाव नहीं हुआ है।
गोर की श्रीनगर यात्रा के दौरान जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा स्थिति और अमेरिकी यात्रा एडवाइजरी पर भी चर्चा हुई थी। गोर ने संकेत दिया था कि सुरक्षा में सुधार को देखते हुए अमेरिका क्षेत्र के लिए अपनी यात्रा चेतावनी की समीक्षा कर सकता है।
पाकिस्तान ने गोर के बयान को अपनी समझ में अमेरिका की लंबे समय से चली आ रही नीति के अनुरूप नहीं बताया था। इसके बाद इस्लामाबाद ने अमेरिकी राजनयिक से औपचारिक आपत्ति दर्ज कराई थी। अब अमेरिकी रुख को लेकर सामने आया स्पष्टीकरण भारत, पाकिस्तान और अमेरिका के बीच कश्मीर मुद्दे पर कूटनीतिक स्थिति को फिर चर्चा में ले आया है।



