ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के हालिया बयान और इशारों से यह स्पष्ट होता जा रहा है कि देश अब परमाणु हथियारों को लेकर आर-पार के मूड में है। पश्चिमी देशों से तनावपूर्ण संबंधों और बढ़ते दबाव के बीच खामेनेई किसी भी हद तक जाने को तैयार दिख रहे हैं। कई विशेषज्ञों ने चेताया है कि ईरान यदि परमाणु बम की दिशा में निर्णायक कदम उठाता है, तो न सिर्फ मध्य पूर्व बल्कि पूरी दुनिया गंभीर संकट में आ सकती है। इज़राइल और अमेरिका पहले ही इस मुद्दे पर सख्त रवैया अपना चुके हैं। इस स्थिति में युद्ध का खतरा मंडराने लगा है और वैश्विक स्थिरता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
ईरान का यूरेनियम संवर्धन पहले से कहीं ज्यादा तेज हो चुका है। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने भी कई बार रिपोर्ट दी है कि ईरान अब उस स्तर पर पहुंच चुका है जहां वह कुछ ही हफ्तों में परमाणु हथियार विकसित कर सकता है। इस प्रगति ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ा दी है।
खामेनेई लंबे समय तक यह कहते आए हैं कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण है। लेकिन हाल के समय में उनके तेवर बदले-बदले नज़र आ रहे हैं। उन्होंने सार्वजनिक रूप से संकेत दिए हैं कि यदि देश की सुरक्षा के लिए जरूरी हो, तो कोई भी रास्ता अपनाने में संकोच नहीं किया जाएगा।
परमाणु रणनीति और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मामलों के विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ईरान खुले तौर पर परमाणु हथियार विकसित करने लगता है, तो यह मिडिल ईस्ट में हथियारों की दौड़ को जन्म देगा। इज़राइल पहले ही संभावित सैन्य कार्रवाई के संकेत दे चुका है। यह पूरा इलाका विस्फोटक स्थिति में पहुंच सकता है।



