DA Hike Jan 2026: 2% या 3%? आठवें वेतन आयोग से पहले कितना बढ़ेगा महंगाई भत्ता

जनवरी 2026 में केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की नजरें एक बार फिर महंगाई भत्ते (DA) की बढ़ोतरी पर टिकी होंगी। हर साल की तरह इस बार भी सबसे बड़ा सवाल यही है कि डीए 2 प्रतिशत बढ़ेगा या 3 प्रतिशत, और इसका वेतन पर वास्तविक असर कितना होगा। डीए की गणना ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (AICPI-IW) के 12 महीने के औसत आंकड़ों के आधार पर की जाती है। जुलाई-दिसंबर 2025 के दौरान महंगाई के आंकड़े यदि स्थिर रहते हैं तो 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी संभव मानी जा रही है, जबकि यदि खाद्य वस्तुओं, ईंधन और रोजमर्रा के खर्चों में तेजी आती है तो 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी का रास्ता भी खुल सकता है। मौजूदा 7वें वेतन आयोग के फॉर्मूले के अनुसार डीए सीधे बेसिक सैलरी पर जुड़ता है, इसलिए इसका असर हर ग्रेड के कर्मचारियों पर अलग-अलग पड़ता है। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी ₹18,000 है और डीए में 2% की बढ़ोतरी होती है, तो उसकी सैलरी में लगभग ₹360 प्रति माह का इजाफा होगा, जबकि 3% बढ़ोतरी पर यह बढ़त करीब ₹540 तक पहुंच सकती है। इसी तरह उच्च वेतनमान वाले कर्मचारियों के लिए यह राशि हजारों रुपये में भी हो सकती है। आठवें वेतन आयोग से पहले डीए बढ़ोतरी को इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि यही डीए आगे चलकर फिटमेंट फैक्टर और नई सैलरी स्ट्रक्चर का आधार बन सकता है। जानकारों का मानना है कि सरकार महंगाई के दबाव और राजकोषीय स्थिति को संतुलित रखते हुए फैसला लेगी। यदि जनवरी 2026 में डीए 50% के आसपास या उससे ऊपर पहुंचता है, तो भत्तों के पुनर्गठन और अन्य सुविधाओं पर भी चर्चा तेज हो सकती है। कुल मिलाकर, 2% या 3% की यह बढ़ोतरी भले ही छोटी लगे, लेकिन सालाना आधार पर यह कर्मचारियों और पेंशनर्स की आय में स्थायी राहत देने वाली साबित होती है, खासकर ऐसे समय में जब आठवें वेतन आयोग को लेकर उम्मीदें लगातार बढ़ रही हैं।



