डेढ़ साल में चमकेगा FMCG सेक्टर? HUL और Dabur पर एक्सपर्ट की बड़ी राय

भारतीय शेयर बाजार में FMCG सेक्टर को हमेशा से डिफेंसिव और भरोसेमंद माना जाता रहा है। हालांकि पिछले कुछ समय से बढ़ती लागत, ग्रामीण मांग में सुस्ती और मार्जिन पर दबाव जैसी चुनौतियों के कारण इस सेक्टर की रफ्तार थोड़ी धीमी नजर आई। लेकिन अब बाजार के जानकारों का मानना है कि आने वाले करीब डेढ़ साल में तस्वीर बदल सकती है और FMCG कंपनियों में फिर से दमदार तेजी देखने को मिल सकती है। खासतौर पर हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL) और डाबर जैसी दिग्गज कंपनियों को लेकर सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि कच्चे माल की कीमतों में स्थिरता, सप्लाई चेन में सुधार और ग्रामीण बाजार में संभावित रिकवरी से कंपनियों की कमाई में बढ़ोतरी हो सकती है। इसके अलावा प्रीमियम प्रोडक्ट्स की मांग लगातार बढ़ रही है, जिससे बड़े ब्रांड्स को फायदा मिलेगा। HUL के पास मजबूत डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क और विविध पोर्टफोलियो है, जो उसे प्रतिस्पर्धा में बढ़त देता है। वहीं डाबर आयुर्वेद और नेचुरल प्रोडक्ट्स की बढ़ती लोकप्रियता का बड़ा लाभ उठा सकती है।
बाजार विश्लेषकों का यह भी मानना है कि अगर महंगाई काबू में रहती है और ग्रामीण आय में सुधार होता है, तो FMCG कंपनियों की वॉल्यूम ग्रोथ में तेजी आ सकती है। इससे शेयर कीमतों को सपोर्ट मिलेगा। कई ब्रोकरेज हाउस लंबे समय के नजरिए से इन स्टॉक्स को पोर्टफोलियो में शामिल करने की सलाह दे रहे हैं। उनका तर्क है कि भले ही तुरंत बड़ी छलांग न दिखे, लेकिन स्थिर रिटर्न और कम जोखिम की वजह से ये निवेशकों के लिए आकर्षक विकल्प बने रहेंगे।
हालांकि कुछ जानकार सावधानी बरतने की भी सलाह देते हैं। उनका कहना है कि निवेश से पहले वैल्यूएशन पर ध्यान देना जरूरी है, क्योंकि FMCG शेयर अक्सर प्रीमियम पर ट्रेड करते हैं। ऐसे में गिरावट पर खरीदारी की रणनीति बेहतर हो सकती है। कुल मिलाकर संकेत यही हैं कि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए HUL और Dabur जैसे मजबूत ब्रांड भविष्य में अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं, बशर्ते आर्थिक माहौल अनुकूल बना रहे।



