दुनिया की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली कंपनियाँ: टॉप 10 में किसका दबदबा, क्या भारत को मिली जगह?

दुनिया की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली कंपनियों की बात होती है तो टेक्नोलॉजी, ऑयल, रिटेल और ऑटो सेक्टर के बड़े नाम सामने आते हैं। इन कंपनियों का कारोबार कई देशों में फैला है, इनके पास लाखों कर्मचारी हैं और इनकी सालाना आय कई छोटे देशों के बजट से भी ज्यादा होती है। हर साल अलग-अलग संस्थाएं राजस्व (Revenue), मुनाफा (Profit) और बाजार पूंजीकरण (Market Cap) के आधार पर रैंकिंग जारी करती हैं, जिनसे पता चलता है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था पर किन कंपनियों का सबसे ज्यादा प्रभाव है।
आम तौर पर टॉप 10 में अमेरिका की कंपनियों का दबदबा देखने को मिलता है। वॉलमार्ट, अमेज़न, एप्पल, एक्सॉन मोबिल, अल्फाबेट (गूगल), माइक्रोसॉफ्ट जैसे नाम अक्सर ऊपरी पायदान पर रहते हैं। चीन की स्टेट ग्रिड, साइनोपेक या पेट्रोचाइना जैसी सरकारी या ऊर्जा क्षेत्र की कंपनियां भी इस सूची में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराती रही हैं। सऊदी अरामको जैसी तेल कंपनी मुनाफे के मामले में कई बार सबको पीछे छोड़ देती है।
अगर भारतीय कंपनियों की बात करें, तो टॉप 10 की वैश्विक सूची में जगह बनाना अभी भी चुनौती बना हुआ है। हालांकि रिलायंस इंडस्ट्रीज, इंडियन ऑयल, एलआईसी या टाटा समूह की कुछ कंपनियां राजस्व के लिहाज से तेजी से आगे बढ़ी हैं और ग्लोबल रैंकिंग में ऊंची छलांग लगा रही हैं, लेकिन वे अभी दुनिया की सबसे बड़ी दस कंपनियों में स्थायी रूप से शामिल नहीं हो पाई हैं। फिर भी भारत की अर्थव्यवस्था के विस्तार, डिजिटल खपत में बढ़ोतरी और मैन्युफैक्चरिंग पर जोर को देखते हुए भविष्य में तस्वीर बदलने की उम्मीद जताई जा रही है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि भारतीय कंपनियों के पास बड़ा घरेलू बाजार, युवा आबादी और तेज डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन का फायदा है। अगर निवेश, रिसर्च और वैश्विक विस्तार की रफ्तार बनी रही, तो आने वाले वर्षों में किसी भारतीय कंपनी का टॉप 10 में पहुंचना असंभव नहीं होगा। फिलहाल, दुनिया की कमाई की इस दौड़ में अमेरिकी और चीनी दिग्गजों का ही सिक्का चल रहा है, लेकिन भारत तेजी से चुनौती पेश कर रहा है।



