8th Pay Commission की बैठक में 18 सवालों पर मंथन, सैलरी से OPS तक क्या-क्या दिए गए सुझाव?

केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए प्रस्तावित 8th Pay Commission को लेकर हालिया बैठक में 18 अहम सवालों पर विस्तृत चर्चा हुई, जिससे कर्मचारियों के बीच नई उम्मीदें और कुछ संशय भी पैदा हुए हैं। बैठक में सैलरी स्ट्रक्चर, फिटमेंट फैक्टर, वार्षिक इंक्रीमेंट की दर, न्यूनतम वेतन, महंगाई भत्ते के समायोजन, प्रमोशन पॉलिसी और पेंशन ढांचे जैसे मुद्दों पर सुझाव मांगे गए। कर्मचारी संगठनों ने न्यूनतम वेतन को मौजूदा स्तर से काफी ऊपर ले जाने और फिटमेंट फैक्टर को 3.0 या उससे अधिक रखने की मांग रखी, ताकि महंगाई और जीवन-यापन की बढ़ती लागत का संतुलन हो सके। इंक्रीमेंट को लेकर सुझाव दिया गया कि वार्षिक वृद्धि दर को बढ़ाया जाए और प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन को पारदर्शी बनाया जाए।
सबसे ज्यादा चर्चा “फैमिली यूनिट” की परिभाषा और पेंशन से जुड़े प्रावधानों पर हुई, जहां आश्रितों की संख्या और पारिवारिक लाभों की सीमा तय करने के मानकों पर मतभेद सामने आए। इसके अलावा पुरानी पेंशन योजना यानी Old Pension Scheme (OPS) की बहाली को लेकर भी कर्मचारी संगठनों ने जोरदार मांग रखी। उनका तर्क था कि नई पेंशन प्रणाली में बाजार आधारित जोखिम अधिक है, जबकि OPS कर्मचारियों को सुनिश्चित सामाजिक सुरक्षा प्रदान करती है। सरकार की ओर से फिलहाल सभी सुझावों को संज्ञान में लेने और वित्तीय प्रभाव का आकलन करने की बात कही गई है।
बैठक में यह भी प्रस्ताव आया कि वेतन ढांचे को अधिक सरल और पारदर्शी बनाया जाए, ताकि ग्रेड पे और लेवल मैट्रिक्स को लेकर भ्रम कम हो। हाउस रेंट अलाउंस, ट्रांसपोर्ट अलाउंस और मेडिकल सुविधाओं को भी महंगाई दर से जोड़ने का सुझाव दिया गया। कुल मिलाकर 18 बिंदुओं पर हुई इस व्यापक चर्चा ने साफ कर दिया है कि आने वाला वेतन आयोग कर्मचारियों की आर्थिक सुरक्षा और प्रशासनिक संतुलन दोनों को ध्यान में रखकर सिफारिशें तैयार करेगा। अब सभी की नजर अगली आधिकारिक घोषणा पर टिकी है, जो लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स के भविष्य को प्रभावित करेगी।



