भारत में बच्चों की एरोबिक फिटनेस पर रिपोर्ट, केवल एक तिहाई खरे उतरे

एक हालिया रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि देश में केवल लगभग एक तिहाई बच्चे ही एरोबिक फिटनेस के निर्धारित मानकों पर खरे उतर पाए हैं। इस आंकड़े ने स्वास्थ्य विशेषज्ञों और शिक्षाविदों के बीच गंभीर चिंता पैदा कर दी है, क्योंकि यह बच्चों की शारीरिक गतिविधियों और जीवनशैली में गिरावट को दर्शाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती स्क्रीन टाइम, शारीरिक गतिविधियों की कमी और असंतुलित खान-पान इस स्थिति के प्रमुख कारण हैं। लगातार बदलती जीवनशैली के कारण बच्चों में मोटापा, थकान और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी बढ़ रही हैं। इस पर नियंत्रण के लिए स्कूल स्तर पर खेल और व्यायाम को अधिक महत्व देने की सलाह दी जा रही है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि बच्चों को नियमित रूप से आउटडोर गतिविधियों में शामिल किया जाए और फिटनेस को दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाया जाए। यदि समय रहते इस दिशा में कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले वर्षों में यह समस्या और गंभीर रूप ले सकती है।



