Crude Import: इराक सप्लाई पर असर, फिर भी कैसे चल रही है भारत की तेल आपूर्ति

कच्चे तेल की वैश्विक आपूर्ति में बदलाव के बीच इराक से आने वाले सप्लाई चैन में अस्थिरता की खबरों ने बाजार में हलचल बढ़ा दी है। हालांकि इसके बावजूद भारत की ऊर्जा जरूरतों पर बड़ा असर नहीं पड़ा है, क्योंकि देश ने अपने आयात स्रोतों में विविधता ला रखी है।
भारत अपनी तेल आपूर्ति के लिए सिर्फ एक देश पर निर्भर नहीं है, बल्कि सऊदी अरब, रूस और अन्य खाड़ी देशों से भी बड़े पैमाने पर कच्चा तेल आयात करता है। इसी विविधता के कारण किसी एक सप्लाई में बाधा आने पर भी देश की रिफाइनरी और परिवहन व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रहती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि भारत ने पिछले कुछ वर्षों में अपने क्रूड ऑयल इंपोर्ट पोर्टफोलियो को काफी मजबूत किया है। साथ ही रणनीतिक भंडारण और दीर्घकालिक अनुबंधों के जरिए आपूर्ति संकट के प्रभाव को कम किया गया है। इसी वजह से वैश्विक अस्थिरता के बावजूद देश की ‘तेल की गाड़ी’ फिलहाल स्थिर गति से आगे बढ़ रही है।



