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Vedanta की Rampura Agucha बनी दुनिया की नंबर-1 जिंक खदान, ₹18,846 करोड़ का योगदान


Vedanta समूह की सहायक कंपनी Hindustan Zinc ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए इतिहास रच दिया है। राजस्थान स्थित रामपुरा अगूचा जिंक खदान को अब दुनिया की सबसे बड़ी जिंक खदान के रूप में मान्यता मिली है। इस उपलब्धि ने भारत के खनन क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाई है।
कंपनी के प्रदर्शन के चलते सरकार के खजाने में ₹18,846 करोड़ का योगदान हुआ है, जो रॉयल्टी, टैक्स और अन्य शुल्कों के रूप में दर्ज किया गया है। यह आंकड़ा खनन क्षेत्र में भारत की मजबूत स्थिति को दर्शाता है।
रामपुरा अगूचा खदान लंबे समय से देश की सबसे महत्वपूर्ण खनिज संपत्तियों में से एक रही है और यहां से निकलने वाला जिंक घरेलू उद्योगों के साथ-साथ निर्यात में भी अहम भूमिका निभाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि खनन और धातु उद्योग में इस तरह की उपलब्धियां भारत की आत्मनिर्भरता और औद्योगिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।