
भारतीय शेयर बाजार में आज कमजोरी देखने को मिली और प्रमुख सूचकांक दबाव में बंद हुए। निवेशकों की चिंता का मुख्य कारण पश्चिम एशिया में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव रहा, जिसने वैश्विक बाजारों में जोखिम लेने की धारणा को प्रभावित किया। इसके चलते BSE Sensex 304 अंक टूटकर बंद हुआ, जबकि Nifty 50 में भी गिरावट दर्ज की गई।
बाजार में सबसे ज्यादा दबाव आईटी शेयरों पर दिखाई दिया। निवेशकों ने तकनीकी क्षेत्र के शेयरों में मुनाफावसूली की, जिससे कई बड़ी कंपनियों के स्टॉक्स लाल निशान में कारोबार करते नजर आए। आईटी कंपनियों की आय का बड़ा हिस्सा वैश्विक बाजारों से आता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय अनिश्चितता का असर इस सेक्टर पर अपेक्षाकृत अधिक पड़ता है।
विश्लेषकों के अनुसार, पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतों में उछाल की आशंका रहती है। भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए यह चिंता का विषय हो सकता है, क्योंकि इससे महंगाई और चालू खाते के घाटे पर दबाव बढ़ सकता है। इसी वजह से निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया।
हालांकि बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय अर्थव्यवस्था के मजबूत बुनियादी कारक, कॉरपोरेट आय में सुधार और घरेलू निवेशकों की भागीदारी बाजार को दीर्घकाल में सहारा दे सकती है। फिलहाल निवेशकों की नजर पश्चिम एशिया की स्थिति, वैश्विक बाजारों की चाल और आने वाले आर्थिक आंकड़ों पर बनी रहेगी।



