कारोबार
Rupee Falling: कमजोर रुपये से कंपनियों का बजट बिगड़ा, चीन कारोबार पर एक्सपर्ट्स का अलर्ट

भारतीय रुपये में लगातार आ रही कमजोरी अब सिर्फ विदेशी मुद्रा बाजार तक सीमित मुद्दा नहीं रह गई है, बल्कि इसका सीधा असर देश की कंपनियों, कारोबारियों और उपभोक्ताओं पर भी दिखाई देने लगा है। डॉलर के मुकाबले रुपये के कमजोर होने से आयातित वस्तुओं की कीमत बढ़ जाती है, जिससे इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल, फार्मा, केमिकल और ऊर्जा क्षेत्र की कंपनियों की लागत में इजाफा होता है। कई कंपनियों को अपने बजट और वित्तीय अनुमान दोबारा तैयार करने पड़ रहे हैं, क्योंकि विदेशी भुगतान के लिए पहले से अधिक रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं।



