HDFC Bank पर ₹60,000 जुर्माना, लोन चुकाने के बाद भी खराब किया CIBIL Score

बैंक से लोन लेने वाले ग्राहकों के लिए CIBIL Score बेहद महत्वपूर्ण होता है। यही स्कोर भविष्य में होम लोन, पर्सनल लोन या क्रेडिट कार्ड लेने की क्षमता और शर्तों को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में लोन चुकाने के बाद भी रिकॉर्ड में गलती रह जाना ग्राहक के लिए बड़ी परेशानी बन सकता है।
सामने आए मामले में ग्राहक ने अपना लोन चुका दिया था, लेकिन इसके बावजूद उसके क्रेडिट रिकॉर्ड में सही जानकारी अपडेट नहीं हुई। इसका असर उसके CIBIL Score पर पड़ा और उसे वित्तीय नुकसान के साथ मानसिक परेशानी का भी सामना करना पड़ा।
मामले की सुनवाई उपभोक्ता अदालत में हुई। जांच के बाद गलती बैंक की तरफ से पाई गई, जबकि CIBIL को इस मामले में दोषी नहीं माना गया। अदालत ने बैंक को रिकॉर्ड में जरूरी सुधार करने का निर्देश दिया।
अदालत ने HDFC Bank को संबंधित गलती को 30 दिनों के भीतर सुधारने का आदेश दिया। साथ ही ग्राहक को हुई परेशानी और नुकसान के लिए बैंक पर ₹60,000 का जुर्माना/मुआवजा लगाया गया।
इस तरह के मामलों में सबसे अहम बात यह है कि क्रेडिट ब्यूरो आमतौर पर बैंकों और वित्तीय संस्थानों से मिलने वाली जानकारी के आधार पर रिकॉर्ड तैयार करते हैं। इसलिए अगर लोन बंद होने के बाद भी गलत स्टेटस दिख रहा है, तो सबसे पहले संबंधित बैंक से रिकॉर्ड ठीक कराने की कोशिश करनी चाहिए।
अदालतों ने पहले भी ऐसे मामलों में माना है कि पूरी रकम चुकाने और No Due Certificate मिलने के बाद खाते को गलत तरीके से ‘written off’ या ‘settled’ दिखाना ग्राहक के क्रेडिट रिकॉर्ड को नुकसान पहुंचा सकता है।
ग्राहकों को लोन पूरा होने के बाद बैंक से No Due Certificate/NOC और Loan Closure Letter जरूर लेना चाहिए। इसके अलावा कुछ समय बाद अपनी क्रेडिट रिपोर्ट चेक करके यह देखना चाहिए कि संबंधित लोन का स्टेटस ‘Closed’ दिख रहा है या नहीं।
अगर CIBIL रिपोर्ट में गलती मिलती है, तो ग्राहक बैंक और क्रेडिट ब्यूरो के पास शिकायत दर्ज करा सकता है। शिकायत के दौरान लोन क्लोजर डॉक्यूमेंट, भुगतान की रसीद और NOC जैसे दस्तावेज काफी उपयोगी साबित हो सकते हैं।
इस मामले से बैंक ग्राहकों के लिए एक अहम सबक मिलता है कि सिर्फ लोन की EMI पूरी कर देना पर्याप्त नहीं है। लोन अकाउंट का सही तरीके से बंद होना और क्रेडिट ब्यूरो में उसका सही अपडेट होना भी उतना ही जरूरी है।
इसलिए अगर आपने हाल ही में कोई लोन चुकाया है, तो अपनी CIBIL रिपोर्ट जरूर जांचें। रिकॉर्ड में गलती होने पर उसे नजरअंदाज न करें, क्योंकि गलत क्रेडिट हिस्ट्री आगे चलकर नए लोन की मंजूरी और ब्याज दर दोनों को प्रभावित कर सकती है।



