Ishan Kishan: 270 रन की पारी से ठोका टेस्ट वापसी का दावा, चयनकर्ता होंगे प्रभावित

ईशान किशन ने दलीप ट्रॉफी के फाइनल में बल्ले से जमकर धमाल मचाया। ईस्ट जोन की कप्तानी कर रहे किशन ने साउथ जोन के खिलाफ 270 रन की शानदार पारी खेली। उनकी इस मैराथन पारी ने न सिर्फ टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया, बल्कि भारतीय टेस्ट टीम में वापसी की उनकी दावेदारी को भी मजबूती दी।
किशन ने अपनी पारी के दौरान 334 गेंदों का सामना किया और 30 चौके व 7 छक्के लगाए। चेन्नई की गर्म परिस्थितियों में इतनी लंबी पारी खेलना उनकी फिटनेस, धैर्य और लाल गेंद के क्रिकेट में एकाग्रता को दर्शाता है।
ईशान किशन की यह पारी इसलिए भी खास है क्योंकि टेस्ट क्रिकेट में उनकी वापसी लंबे समय से चर्चा का विषय रही है। उन्होंने भारत के लिए अब तक सिर्फ दो टेस्ट मैच खेले हैं, लेकिन घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छे प्रदर्शन के जरिए वह चयनकर्ताओं का ध्यान खींच रहे हैं।
दलीप ट्रॉफी फाइनल में उनका 270 रन का स्कोर उनकी प्रथम श्रेणी बल्लेबाजी की गुणवत्ता का बड़ा उदाहरण है। किशन ने विकेटकीपर-बल्लेबाज के तौर पर जिम्मेदारी संभाली और लंबी पारी खेलकर दिखाया कि वह जरूरत पड़ने पर टेस्ट क्रिकेट के मुताबिक अपना खेल बदल सकते हैं।
इससे पहले भी घरेलू क्रिकेट में किशन का बल्ला खूब चला है। 2025-26 सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में उन्होंने 10 पारियों में 517 रन बनाए थे और उनका स्ट्राइक रेट करीब 197 का रहा। यानी सफेद गेंद के साथ-साथ घरेलू क्रिकेट में उनका फॉर्म लगातार मजबूत रहा है।
दलीप ट्रॉफी फाइनल में ईशान ने कुमार कुशाग्र के साथ भी बड़ी साझेदारी की। कुशाग्र ने शतक लगाया, जबकि किशन ने दोहरा शतक पार करते हुए ईस्ट जोन के स्कोर को 700 के पार पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। ईस्ट जोन ने पहली पारी 708 रन पर घोषित की।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या ईशान किशन को दोबारा टेस्ट टीम में मौका मिलेगा? उनकी मौजूदा फॉर्म निश्चित तौर पर उनकी दावेदारी मजबूत करती है, लेकिन विकेटकीपर-बल्लेबाज की जगह के लिए टीम में पहले से कई विकल्प मौजूद हैं। ऐसे में अंतिम फैसला चयनकर्ताओं को करना होगा।
हालांकि, 270 रन की पारी ने ईशान किशन को नजरअंदाज करना मुश्किल जरूर कर दिया है। घरेलू क्रिकेट में बड़े स्कोर, कप्तानी की जिम्मेदारी और अलग-अलग फॉर्मेट में प्रदर्शन उनके पक्ष में जा रहा है। अगर वह इसी तरह लगातार रन बनाते रहे, तो टेस्ट टीम के दरवाजे उनके लिए दोबारा खुल सकते हैं।
फिलहाल किशन की इस पारी ने भारतीय क्रिकेट में उनकी टेस्ट वापसी को लेकर बहस तेज कर दी है। तिहरे शतक से भले ही वह चूक गए, लेकिन 270 रन की पारी ने यह जरूर साबित कर दिया कि लंबे फॉर्मेट में बड़ी पारियां खेलने की क्षमता उनके पास अब भी मौजूद है।



