El Nino से भारत पर बढ़ा हेल्थ रिस्क, WHO की चेतावनी

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने मजबूत होते El Nino को लेकर भारत के लिए स्वास्थ्य संबंधी जोखिम बढ़ने की चेतावनी दी है। WHO के आकलन के मुताबिक दक्षिण एशिया में मौसम के बदलते पैटर्न का असर गर्मी, बारिश और संक्रामक बीमारियों पर पड़ सकता है।
भारत में यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब कई इलाकों में डेंगू और मलेरिया जैसे मच्छरजनित रोगों के मामले चिंता बढ़ा रहे हैं। दिल्ली में अगस्त के दौरान डेंगू के 90 मामले सामने आए और 29 अगस्त तक इस साल कुल मामले 311 तक पहुंच गए थे।
हालांकि WHO ने भारत में सामने आ रहे डेंगू और मलेरिया के मामलों को सीधे तौर पर El Nino के कारण नहीं बताया है। संगठन के अनुसार El Nino स्वास्थ्य जोखिम को बढ़ाने वाला एक कारक हो सकता है और इसका प्रभाव स्थानीय मौसम, आबादी की संवेदनशीलता तथा स्वास्थ्य व्यवस्था की क्षमता पर निर्भर करेगा।
बढ़ता तापमान भी बड़ी चिंता बनकर सामने आ रहा है। अत्यधिक गर्मी से हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है और हृदय, श्वसन, किडनी तथा मेटाबॉलिक संबंधी बीमारियों से जूझ रहे लोगों पर इसका ज्यादा असर पड़ सकता है। गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं के लिए भी अत्यधिक गर्मी चिंता का विषय हो सकती है।
मौसम में बदलाव का असर केवल स्वास्थ्य तक सीमित नहीं रहने की आशंका है। कम बारिश और अधिक तापमान कृषि, खाद्य सुरक्षा और पोषण पर भी दबाव डाल सकते हैं। सितंबर में भारत में सामान्य से कम बारिश की स्थिति को लेकर पहले ही कृषि उत्पादन पर चिंता जताई जा चुकी है।
WHO की चेतावनी के बीच स्वास्थ्य विभागों के लिए निगरानी बढ़ाना, मच्छरों के प्रजनन स्थलों को रोकना और गर्मी से बचाव की तैयारियों को मजबूत करना महत्वपूर्ण हो गया है। विशेषज्ञों के मुताबिक बदलते मौसम के बीच समय रहते स्वास्थ्य संबंधी तैयारी जोखिम को कम करने में मदद कर सकती है।



