IMF ने माना भारत की नई GDP गणना बेहतर, राजन के सवालों पर चर्चा

भारत की GDP गणना की नई पद्धति को लेकर चल रही बहस के बीच अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की ओर से सकारात्मक प्रतिक्रिया सामने आई है। IMF ने भारत के मजबूत आर्थिक प्रदर्शन के साथ-साथ सांख्यिकीय व्यवस्था में किए गए सुधारों का स्वागत किया है।
भारत की अप्रैल-जून 2026 तिमाही में वास्तविक GDP वृद्धि 7.8 प्रतिशत दर्ज की गई, जो उम्मीदों से बेहतर रही। IMF ने इस प्रदर्शन में सेवा क्षेत्र और निर्यात की मजबूत भूमिका को रेखांकित किया है।
GDP के आंकड़ों और उनकी गणना को लेकर पूर्व RBI गवर्नर रघुराम राजन समेत कुछ अर्थशास्त्रियों ने सवाल उठाए थे। राजन ने तेज GDP वृद्धि के बावजूद रोजगार और निजी निवेश जैसे संकेतकों को लेकर सवाल खड़े किए थे।
इस बीच भारत ने GDP की गणना के तरीके में बदलाव किए हैं। नई व्यवस्था में अधिक आधुनिक डेटा स्रोतों और बेहतर मूल्य संकेतकों को शामिल किया गया है। IMF ने इन सुधारों को भारतीय आर्थिक आंकड़ों की गुणवत्ता मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।
हालांकि, GDP के आंकड़ों को लेकर बहस पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। कुछ अर्थशास्त्री नई गणना पद्धति और आंकड़ों की पारदर्शिता पर अभी भी सवाल उठा रहे हैं। ऐसे में आने वाले विस्तृत आंकड़े और पद्धति संबंधी जानकारी इस बहस को और स्पष्ट कर सकती है।



