योगी आदित्यनाथ का विपक्ष पर तंज, कहा- अपनी मेहनत और तपस्या से नेता बने पीएम मोदी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राजनीतिक सफर और नेतृत्व क्षमता का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी किसी राजनीतिक वंश या परिवार की विरासत के सहारे आगे नहीं बढ़े, बल्कि अपनी मेहनत, संघर्ष और तपस्या के बल पर देश के नेतृत्वकर्ता बने हैं। योगी का यह बयान विपक्ष की परिवारवाद आधारित राजनीति पर उनके हमले के तौर पर देखा जा रहा है।
सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सार्वजनिक जीवन लंबे संघर्ष और निरंतर जनसेवा से जुड़ा रहा है। उनके मुताबिक मोदी ने संगठन और समाज के बीच काम करते हुए अपनी पहचान बनाई और बाद में देश के प्रधानमंत्री के रूप में नेतृत्व की जिम्मेदारी संभाली। योगी ने इसी संदर्भ में वंश परंपरा की राजनीति और व्यक्तिगत संघर्ष से हासिल नेतृत्व के बीच अंतर को रेखांकित किया।
मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों की राजनीति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि लोकतंत्र में नेतृत्व का आधार परिवार या राजनीतिक विरासत नहीं, बल्कि जनता का विश्वास और व्यक्ति की कार्यक्षमता होनी चाहिए। उनके बयान में यह संदेश प्रमुख रहा कि राजनीतिक क्षेत्र में किसी व्यक्ति की पहचान उसके काम, समर्पण और जनसेवा से बननी चाहिए।
योगी आदित्यनाथ इससे पहले भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को लेकर अपने विचार रखते रहे हैं। उन्होंने मोदी सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए विकास, सुशासन, सुरक्षा और देश की सांस्कृतिक विरासत से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता दी है। जून 2026 में भी मुख्यमंत्री ने मोदी के नेतृत्व में भारत की सुरक्षा और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े बदलावों का जिक्र किया था।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कहना है कि वर्तमान राजनीति में विकास और जनकल्याण के साथ नेतृत्व की विश्वसनीयता भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के लंबे सार्वजनिक जीवन को इसी दृष्टिकोण से प्रस्तुत करते हुए कहा कि उनका राजनीतिक सफर किसी परिवार की राजनीतिक विरासत पर आधारित नहीं रहा है।
योगी के इस बयान का राजनीतिक महत्व इसलिए भी है क्योंकि उत्तर प्रदेश की राजनीति में परिवारवाद और वंशवाद लंबे समय से प्रमुख बहस के विषय रहे हैं। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक विचारधाराओं तथा नेतृत्व के मॉडल को लेकर लगातार बयानबाजी होती रही है। ऐसे में मुख्यमंत्री का यह बयान आगामी राजनीतिक विमर्श में भी चर्चा का विषय बन सकता है।
वहीं, उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन को लेकर ‘सेवा संकल्प अभियान’ भी आयोजित किया जा रहा है। यह अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलाया जाएगा और इसमें सेवा, सुशासन, गरीब कल्याण तथा विकास की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने पर जोर दिया गया है।
कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को संघर्ष, तपस्या और जनसेवा से जोड़ता है। साथ ही उन्होंने विपक्ष पर परिवारवाद की राजनीति को लेकर निशाना साधते हुए यह संदेश देने की कोशिश की कि लोकतांत्रिक नेतृत्व की असली कसौटी जनता का विश्वास, कार्यक्षमता और निरंतर सेवा है।



