BCCI सचिव ने बताया क्यों नहीं ली टीम इंडिया ने एशिया कप ट्रॉफी

भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए महिला एशिया कप 2026 का खिताब अपने नाम किया। फाइनल में भारत ने श्रीलंका को 72 रन से हराया, लेकिन मैच के बाद ट्रॉफी प्रेजेंटेशन को लेकर विवाद खड़ा हो गया। भारतीय खिलाड़ियों ने एशियन क्रिकेट काउंसिल के अध्यक्ष मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से परहेज किया।
अब BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने इस फैसले की वजह सामने रखी है। उन्होंने बताया कि भारतीय टीम का ट्रॉफी प्रेजेंटेशन में शामिल न होने का निर्णय पूरी तरह सोच-समझकर लिया गया था। उनके मुताबिक, इस फैसले से जुड़े सभी पहलुओं पर विचार किया गया था।
सैकिया ने यह भी संकेत दिया कि BCCI ने टूर्नामेंट से पहले ही ACC को अपनी स्थिति से अवगत करा दिया था। यानी फाइनल के बाद अचानक कोई फैसला नहीं लिया गया, बल्कि टीम के ट्रॉफी समारोह में शामिल न होने की स्थिति पहले से स्पष्ट थी।
इस पूरे मामले की पृष्ठभूमि भारत और पाकिस्तान के बीच जारी तनावपूर्ण संबंधों से जुड़ी है। मोहसिन नकवी पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन होने के साथ-साथ पाकिस्तान सरकार में गृह मंत्री और ACC के अध्यक्ष भी हैं। ऐसे में उनकी मौजूदगी में ट्रॉफी लेने को लेकर BCCI ने अलग रुख अपनाया।
BCCI का यह रुख पिछले साल के पुरुष एशिया कप फाइनल से भी जुड़ा हुआ है। 2025 में भारतीय पुरुष टीम ने भी मोहसिन नकवी से एशिया कप ट्रॉफी स्वीकार नहीं की थी। इस बार महिला टीम ने भी उसी रुख को आगे बढ़ाया।
सैकिया के बयान के अनुसार, भारत बहुराष्ट्रीय क्रिकेट टूर्नामेंटों में हिस्सा लेना जारी रखेगा, लेकिन हर परिस्थिति में पुरस्कार समारोह की शर्तों को स्वीकार करना जरूरी नहीं माना गया। यानी BCCI ने क्रिकेट प्रतियोगिताओं में भागीदारी और ट्रॉफी प्रेजेंटेशन के मुद्दे को अलग-अलग रखने का संकेत दिया है।
फाइनल के बाद भारतीय टीम ने पारंपरिक ट्रॉफी समारोह के बजाय अपना अलग जश्न मनाया। टीम ने ड्रेसिंग रूम में उपलब्धि का जश्न मनाया और बाद में ट्रॉफी के बिना फोटो भी सामने आई। मुख्य कोच अमोल मजूमदार ने भी BCCI के फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि टीम उसके साथ खड़ी है।
मैच की बात करें तो भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 183 रन बनाए और जवाब में श्रीलंका की टीम 111 रन पर सिमट गई। भारत ने 72 रन से जीत दर्ज कर रिकॉर्ड आठवीं बार महिला एशिया कप अपने नाम किया। ट्रॉफी प्रेजेंटेशन विवाद के बावजूद टीम की मैदान पर उपलब्धि ऐतिहासिक रही।



