7 महीने में भारत आया 64,000 किलो सोना! जहां आम लोग 1 ग्राम खरीदने में पसीना बहा रहे, वहीं क्विंटल में हो रहा सौदा

भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोना उपभोक्ता देश है और इसकी चमक एक बार फिर देश के बाजारों में देखने को मिल रही है। ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, सिर्फ 7 महीनों में भारत ने करीब 64,000 किलोग्राम सोना आयात किया है। यह मात्रा इतनी विशाल है कि आम आदमी जहां 1 ग्राम सोना खरीदने से पहले कई बार सोचता है, वहीं बड़े व्यापारी और निवेशक क्विंटल के हिसाब से गोल्ड के सौदे कर रहे हैं।
सोने की बढ़ती कीमतों के बावजूद भारत में इसकी मांग में कमी नहीं आई है। घरेलू बाजार में सोना निवेश और आभूषण दोनों ही रूपों में पसंद किया जाता है। खासकर त्योहारों और शादी के सीजन के दौरान सोने की खरीद में उछाल आ जाता है। 2025 के शुरुआती महीनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने के बावजूद भारतीय निवेशकों ने इसे ‘सेफ इन्वेस्टमेंट’ के रूप में बरकरार रखा है।
जानकारों के अनुसार, भारत ने जो 64 टन यानी 64,000 किलो सोना आयात किया है, उसका बड़ा हिस्सा दुबई, स्विट्ज़रलैंड और दक्षिण अफ्रीका से आया है। ये देश दुनिया के प्रमुख गोल्ड एक्सपोर्टर हैं। वहीं, भारतीय रिज़र्व बैंक ने भी अपनी गोल्ड रिज़र्व रणनीति को मजबूत करते हुए अंतरराष्ट्रीय बाजार से सोना खरीदने की नीति में तेजी दिखाई है।
दूसरी ओर, आम जनता पर सोने की कीमतों का सीधा असर पड़ा है। आज के समय में 1 ग्राम सोना खरीदने में भी जेब ढीली करनी पड़ रही है, जबकि बड़े व्यापारी टनों में खरीदारी कर रहे हैं। यही अंतर भारत में आर्थिक असमानता को भी दिखाता है — जहां एक वर्ग ‘गोल्ड बार्स’ में निवेश कर रहा है, वहीं दूसरा वर्ग त्योहारों पर छोटे गहनों तक सीमित है।



