भारत का बड़ा एक्शन: चीन, EU और अमेरिका से आने वाले इस प्रोडक्ट पर लगाई एंटी-डंपिंग ड्यूटी

भारत सरकार ने घरेलू उद्योगों को सस्ते आयात से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने चीन, यूरोपीय संघ (EU) और अमेरिका से आने वाले एक विशेष उत्पाद पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी लगाने का फैसला किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ मामलों में यह शुल्क ₹1.65 लाख (लगभग 1,65,692 रुपये) प्रति टन तक लगाया जा सकता है। एंटी-डंपिंग ड्यूटी का उद्देश्य विदेशी कंपनियों द्वारा बेहद कम कीमत पर सामान बेचकर भारतीय उद्योगों को होने वाले नुकसान को रोकना होता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि जब किसी उत्पाद को उसके सामान्य बाजार मूल्य से कम कीमत पर दूसरे देश में बेचा जाता है, तो इसे डंपिंग कहा जाता है। इससे स्थानीय कंपनियों की प्रतिस्पर्धा प्रभावित होती है। ऐसे मामलों में सरकार जांच के बाद अतिरिक्त शुल्क लगाती है ताकि घरेलू उत्पादकों को समान अवसर मिल सके।
भारत पहले भी कई उत्पादों पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी लगा चुका है। सरकार का मानना है कि ऐसे कदमों से स्थानीय विनिर्माण क्षेत्र को मजबूती मिलेगी, आयात पर निर्भरता घटेगी और घरेलू उद्योगों में निवेश को बढ़ावा मिलेगा।
व्यापार विशेषज्ञों के अनुसार, इस फैसले का असर संबंधित उद्योगों, आयातकों और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर पड़ सकता है। हालांकि सरकार का कहना है कि यह कदम अंतरराष्ट्रीय व्यापार नियमों के अनुरूप घरेलू उद्योगों के हितों की रक्षा के लिए उठाया गया है।



