Core Sector Growth: मई 2026 में कोर सेक्टर की रफ्तार धीमी, सिर्फ 0.5% की बढ़त; स्टील-सीमेंट बने सहारा

भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण माने जाने वाले आठ प्रमुख बुनियादी उद्योगों (Core Sectors) की वृद्धि दर मई 2026 में सुस्त पड़ गई। ताजा आंकड़ों के अनुसार, कोर सेक्टर की वृद्धि केवल 0.5 प्रतिशत दर्ज की गई, जो पिछले महीनों की तुलना में काफी कमजोर मानी जा रही है। कोर सेक्टर में कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक, स्टील, सीमेंट और बिजली जैसे उद्योग शामिल हैं।
विश्लेषकों के अनुसार, कुछ क्षेत्रों में उत्पादन की धीमी गति और मांग में नरमी के कारण समग्र वृद्धि दर प्रभावित हुई। हालांकि स्टील और सीमेंट उद्योगों ने अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन करते हुए कोर सेक्टर को सहारा दिया। बुनियादी ढांचा परियोजनाओं, निर्माण गतिविधियों और सरकारी पूंजीगत व्यय के चलते इन दोनों क्षेत्रों में मांग बनी रही।
आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि कोर सेक्टर के आंकड़े औद्योगिक उत्पादन और आर्थिक गतिविधियों का शुरुआती संकेत देते हैं। इसलिए इन क्षेत्रों की वृद्धि दर पर निवेशकों, उद्योग जगत और नीति निर्माताओं की विशेष नजर रहती है। कमजोर वृद्धि दर यह संकेत दे सकती है कि कुछ उद्योग अभी भी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।
हालांकि जानकारों का कहना है कि आने वाले महीनों में मानसून, सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च, निर्माण गतिविधियों और औद्योगिक मांग में सुधार से स्थिति बेहतर हो सकती है। स्टील और सीमेंट जैसे क्षेत्रों की मजबूती यह भी दर्शाती है कि अर्थव्यवस्था के कुछ हिस्सों में निवेश और विकास की गति अभी बनी हुई है, जो भविष्य में व्यापक औद्योगिक सुधार का आधार बन सकती है।



