Strait of Hormuz: संकट से पहले भारत की बड़ी तैयारी, खाद लेकर आ रहे 12 जहाज; टला आपूर्ति संकट

मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर बनी अनिश्चितता के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, उर्वरक (खाद) से लदे 12 जहाज पहले ही भारत के लिए रवाना हो चुके हैं। इससे आशंका जताई जा रही संभावित आपूर्ति बाधा और खाद संकट का खतरा काफी हद तक कम हो गया है।
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है। खाड़ी देशों से तेल, गैस और कई अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति इसी रास्ते से होती है। यदि इस मार्ग पर किसी प्रकार की रुकावट आती है, तो वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर व्यापक असर पड़ सकता है। भारत भी उर्वरक और ऊर्जा जरूरतों के लिए इस क्षेत्र से होने वाले आयात पर काफी हद तक निर्भर है।
विशेषज्ञों के अनुसार, खाद से लदे जहाजों का समय रहते रवाना हो जाना कृषि क्षेत्र के लिए बड़ी राहत है। इससे खरीफ सीजन के दौरान किसानों को उर्वरकों की उपलब्धता बनाए रखने में मदद मिल सकती है। साथ ही सरकार और संबंधित एजेंसियां वैकल्पिक आपूर्ति व्यवस्था और भंडारण पर भी लगातार नजर बनाए हुए हैं।
अर्थशास्त्रियों का मानना है कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में अनिश्चितता के दौर में समय पर की गई योजना और आयात प्रबंधन देश को संभावित संकटों से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। फिलहाल 12 जहाजों के भारत की ओर बढ़ने से उर्वरक आपूर्ति को लेकर बाजार और कृषि क्षेत्र दोनों को राहत मिली है, हालांकि क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर नजर बनाए रखना अभी भी जरूरी है।



